इस्लामाबाद, 25 अगस्त (भाषा) पिछले साल नौ मई को हुई हिंसा से संबंधित मामलों में पाकिस्तान की जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर मुकदमा सैन्य अदालतों में चलाया जा सकता है। सरकार के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।
डॉन अखबार ने कानूनी मामलों के सरकारी प्रवक्ता अकील मलिक के हवाले से कहा कि पिछले साल नौ मई को हुई घटनाओं के बाद से सैन्य अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग होती रही है, क्योंकि सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला किया गया और उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
पिछले साल नौ मई को कथित भ्रष्टाचार के एक मामले में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय परिसर से पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के 71-वर्षीय संस्थापक खान की गिरफ्तारी के बाद हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे।
उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर जिन्ना हाउस (लाहौर कोर कमांडर हाउस), मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई भवन सहित एक दर्जन सैन्य प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की थी। भीड़ ने रावलपिंडी में सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) पर भी हमला किया था।
मलिक ने शुक्रवार को एक निजी समाचार चैनल से कहा, ‘‘यह पूरी तरह से संभव है कि इमरान खान का मुकदमा सैन्य अदालत में चले। इसका कारण यह है कि (उनपर) सैन्य अधिनियम लागू होगा।’’
पाकिस्तान निर्वाचन आयोग द्वारा दायर तोशखाना भ्रष्टाचार से जुड़े पहले मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद खान को पिछले साल पांच अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। तब से उन्हें विभिन्न मामलों में जेल में रखा गया है।
भाषा नेत्रपाल सुरेश
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