कराची, नौ दिसंबर (भाषा) पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक हिंदू महिला और उसकी नाबालिग बेटी को अज्ञात बंदूकधारियों ने कथित तौर पर अगवा कर लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
यह घटना शनिवार को कराची के शेरशाह स्थित सिंधी मोहल्ले में घटी।
परिवार द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महिला को तीन हथियारबंद व्यक्तियों ने घर से बाहर निकलते ही जबरन एक सफेद कार में बैठा लिया।
इस मामले से स्थानीय समुदाय में भय और चिंता व्याप्त हो गई है।
सिंध प्रांत में हिंदू समुदाय के नागरिक अधिकार कार्यकर्ता शिवा काची ने कहा कि रानी और उनकी नाबालिग बेटी अब भी लापता हैं। उनके परिवार को डर है कि उन्हें जबरन इस्लाम कुबूल कराया जाएगा और फिर अपहरणकर्ताओं में से किसी एक से उसकी शादी कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘हमने प्राथमिकी दर्ज करवा दी है लेकिन जिस तरह से तीन अज्ञात हथियारबंद लोगों ने हिंदू मां. बेटी का अपहरण किया, वह बेहद चिंताजनक स्थिति है।’
काची ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से अपील की कि वे इस पर ध्यान दें और कार्रवाई करें।
प्रांत में हिंदू लड़कियों और महिलाओं का अक्सर अपहरण किया जा रहा है और उन्हें जबरन इस्लाम स्वीकार कराया जा रहा है और फिर उनकी शादी मुस्लिम पुरुषों से कर दी जाती है, जो ज्यादातर मामलों में उनसे उम्र में काफी बड़े होते हैं।
सिंध के मीरपुरखास में अपना कार्यालय चलाने वाले काची ने कहा कि उन्हें स्वयं ऐसे समूहों से जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं जो हिंदू लड़कियों का अपहरण करने और जबरन धर्म परिवर्तन कराने के अपराध में संलिप्त हैं। इनमें ज्यादातर गरीब परिवारों की लड़कियां होती हैं।
उन्होंने कहा, “मुझे फोन पर जान से मारने की धमकियां मिली हैं और मुझे अपनी जान का खतरा है लेकिन मैंने पुलिस को मामले की सूचना दे दी है और सुरक्षा की मांग की है।”
इस बीच, एक अन्य मामले में, सिंध प्रांत के उमरकोट शहर में हथियारबंद लोगों ने एक हिंदू लड़की का अपहरण करने की कोशिश की जिसकी हाल में शादी हुई थी।
भागवी अपने पति के साथ अपने माता-पिता से मिलने घर जा रही थी तभी हथियारबंद बदमाशों ने उसका अपहरण करने की कोशिश की। हालांकि, आसपास के लोगों के दखल देने से हथियारबंद बदमाश अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाए।
भाषा नोमान नरेश
नरेश
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
