ढाका, एक जनवरी (भाषा) बांग्लादेश में अज्ञात बदमाशों ने एक हिंदू कारोबारी पर बेरहमी से हमला किया, उसके शरीर पर धारदार हथियार से वार किये और फिर उसे आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के हवाले से बांग्ला दैनिक ‘प्रोथोम आलो’ ने बताया कि पीड़ित की पहचान 50-वर्षीय खोकोन चंद्र दास के रूप में हुई है, जिन पर बुधवार रात को शरीयतपुर जिले के डामुड्या में केउरभंगा बाजार के पास उस समय हमला किया गया जब वह अपनी दुकान बंद करके घर लौट रहे थे।
उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए ढाका ले जाया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, दवा की दुकान और मोबाइल बैंकिंग का व्यवसाय करने वाले दास एक ऑटो रिक्शा में यात्रा कर रहे थे, तभी हमलावरों ने वाहन को रोक लिया और कथित तौर पर उनकी पिटाई की, धारदार हथियारों से उन पर वार किये और फिर उनपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
खुद को बचाने की कोशिश में दास सड़क किनारे एक तालाब में कूद गए, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने शोर मचाया।
पुलिस ने बताया कि हमलावर मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने बताया कि स्थानीय लोगों ने उन्हें बचाया और शरीयतपुर सदर अस्पताल ले गए, जहां उन्हें लगी चोट को देखते हुए ढाका रेफर कर दिया गया।
शरीयतपुर सदर अस्पताल के आपातकालीन विभाग में कार्यरत चिकित्सक नजरुल इस्लाम ने बताया कि दास के शरीर पर कई चोटें आई हैं, जिनमें पेट में गंभीर घाव के साथ-साथ चेहरे, सिर और हाथों पर जलने के निशान भी शामिल हैं।
पीड़ित की पत्नी सीमा दास ने कहा कि परिवार को समझ नहीं आ रहा कि उन्हें निशाना क्यों बनाया गया।
उन्होंने दावा किया कि उनके पति ने दो हमलावरों को पहचान लिया था, इसी वजह से उन्हें मारने की कोशिश की गई।
दमुद्या थाना प्रभारी मोहम्मद रबिउल हक ने बताया कि इस मामले में रब्बी और सोहाग नाम के दो लोगों को नामजद किया गया है।
उन्होंने कहा, “उन्हें गिरफ्तार करने और हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान के प्रयास जारी हैं।”
मयमनसिंह शहर में कथित ईशनिंदा के आरोप में 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास नामक 25 वर्षीय हिंदू व्यक्ति की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी और उसके शरीर को आग लगा दी थी।
एक सप्ताह बाद, 24 दिसंबर को, राजबारी कस्बे के पांग्शा में जबरन वसूली के आरोप में अमृत मंडल नामक एक अन्य हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।
भाषा राखी सुरेश
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