नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने तीन साल बाद जेल से अस्पताल और फिर वापस जेल तक का सफर किया. सुप्रीम कोर्ट ने 73 साल के PTI नेता को इलाज की सुविधा देने के लिए शहबाज शरीफ सरकार को निर्देश देने के दो दिन बाद सरकार ने यह सुनिश्चित किया, लेकिन अपनी शर्तों पर.
सबसे पहले, सरकार ने कोर्ट के आदेश को बदलने की मांग करते हुए याचिका दायर की. कोर्ट ने आदेश दिया था कि खान को रावलपिंडी की अदियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया जाए, जहां उन्हें 16 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाना था. कोर्ट ने सरकार की याचिका मंजूर नहीं की. खान को आधी रात को जेल से बाहर निकाला गया, लेकिन शिफा अस्पताल में भर्ती करने के बजाय उन्हें पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले जाया गया. उन्हें मेडिकल जांच के बाद स्वस्थ घोषित कर दिया गया और सुबह 5 बजे तक वापस जेल भेज दिया गया.
खान की एक बहन, जो नौ महीने में पहली बार उनसे मिली थीं, ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जेल अधिकारी खान को प्रताड़ित कर रहे हैं. उन्होंने खान को अकेले रखा हुआ है और कथित तौर पर उन्हें मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी की तरह मारने की साजिश कर रहे हैं. मुर्सी की जेल में रहने के दौरान कोर्ट में मौत हो गई थी.
इस आधी रात के ड्रामे से पाकिस्तानियों या इमरान खान के समर्थकों का उत्साह कम नहीं हुआ. कुछ ही घंटों में उन्होंने कई तरह के भाव दिखाए. उन्होंने सड़कें बंद कीं, खान का काफिला अस्पताल की ओर जाते समय उस पर गुलाब की पंखुड़ियां बरसाईं, पूरी रात जागकर सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ ला दी और आखिर में खान के वापस जेल जाने पर गुस्सा जाहिर किया. उनके ‘कप्तान’ की कुछ ‘लीक’ और अपुष्ट तस्वीरें भी X पर पहुंच गईं.
पूरी तस्वीर सामने आने से पहले ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगह खुशी का माहौल था. कुछ लोगों ने इसे ‘एक नए अध्याय की शुरुआत’ बताया.
पत्रकार मोइज उर रहमान ने X पर लिखा, “जो दृश्य हम सब साथ देख रहे हैं, वे पिछले कुछ सालों में इमरान खान, उनके परिवार, उनकी पार्टी और आम लोगों के संघर्ष का नतीजा हैं. मैं उनके स्वास्थ्य और जीवन के लिए प्रार्थना करता हूं. उम्मीद है कि यह पाकिस्तान की स्थिरता के एक नए अध्याय की शुरुआत होगी.”
पूर्व राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने भी इसी तरह की बात कही. उन्होंने X पर खान की मेडिकल रिपोर्ट शेयर की थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अस्पताल भेजने का आदेश दिया था.
الحمدللہ
Time to rejoice.For three years we have watched him endure isolation that would break most men. Cut off from newspapers, from books, from his family, from the country to which he gave everything. Tonight, finally, a door has opened. Prayers. Endless prayers. For his…
— Dr. Arif Alvi (@ArifAlvi) August 20, 2026
“तीन साल से हमने उन्हें ऐसी अकेली जिंदगी झेलते देखा है, जो ज्यादातर लोगों को तोड़ सकती है. उन्हें अखबारों, किताबों, अपने परिवार और उस देश से दूर रखा गया, जिसके लिए उन्होंने अपना सब कुछ दिया. आज रात आखिरकार एक दरवाजा खुला है. प्रार्थनाएं. लगातार प्रार्थनाएं. उनके स्वास्थ्य, उनकी ताकत और पूरी तरह ठीक होने के लिए.”
हालांकि, यह खुशी ज्यादा देर नहीं रही. जैसे ही खबर सामने आई कि उन्हें वापस जेल भेज दिया गया है, पाकिस्तान के लोग हैरान और गुस्से में सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा निकालने लगे.
पाकिस्तानी वकील जमीर मान ने X पर लिखा, “छह घंटे से ज्यादा समय तक लाखों पाकिस्तानियों को कथित तौर पर एक सोच-समझकर किए गए तमाशे का हिस्सा बनाया गया. वे ऐसे अस्पताल ट्रांसफर का जश्न मना रहे थे, जो हुआ ही नहीं. अगर यह सच है, तो इस सरकार ने 25 करोड़ पाकिस्तानियों के साथ एक खतरनाक मजाक किया, जो अपने पसंदीदा नेता के लिए सिर्फ बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा चाहते थे. इसके गंभीर परिणाम होंगे.”
पूर्व सिंध गवर्नर मोहम्मद जुबैर ने कहा, “इमरान खान को कभी शिफा अस्पताल ले जाया ही नहीं गया, बल्कि PIMS ले जाया गया, जो कोर्ट के आदेशों के बिल्कुल खिलाफ है. जांच के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया. उन्हें स्वस्थ कैसे घोषित किया जा सकता है. उस मेडिकल रिपोर्ट का क्या हुआ, जिसके आधार पर उन्हें सही इलाज और अस्पताल में रहने की सुविधा मिलनी थी. यह पूरी तरह कोर्ट के आदेशों के खिलाफ है. यह सरकार बेरहम है. यह कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं करती, इंसानी मूल्यों और सम्मान में विश्वास नहीं करती. यह लोगों के लिए त्रासदी है.”
कुछ लोगों ने यह भी बताया कि किसी भी टीवी चैनल पर इन घटनाओं की खबर नहीं दिखाई जा रही थी.
अरब न्यूज की एडिटर मेहरीन जहरा मलिक ने ट्वीट किया, “पाकिस्तान का सबसे बड़ा न्यूज चैनल इस समय गुजरात से पहले से रिकॉर्ड किया गया एक क्राइम शो चला रहा है. यह मुझे अपने बचपन की याद दिलाता है, जब पाकिस्तान में हालात खराब होते थे और PTV पर एक महिला एंकर कड़क इस्त्री किए हुए दुपट्टे में शुद्ध उर्दू में किसी खाद की खासियतें समझाती थी.”
इस बीच, आधी रात के इस पूरे घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर जोरदार बहस छेड़ दी है. देश के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने एक नए रक्षा कानून के तहत पाकिस्तान की सेना पर अपना अधिकार और मजबूत कर लिया है. इस कानून में प्रधानमंत्री के लिए ‘मिलिट्री एडवाइजर’ की भूमिका भी शामिल है. वहीं, पाकिस्तानियों को यकीन है कि “हर कोई इमरान खान से डरा हुआ है.”
X पर खान नाम के एक यूजर ने लिखा, “इतिहास इस रात को याद रखेगा. जब एक सैन्य तानाशाह ने हड़प ली गई और फर्जी सरकार के जरिए अपनी ताकत बढ़ाई, तब इमरान खान ने जेल की कोठरी में वापस जाना चुना, ताकि उनके नाम के साथ ‘डील’ शब्द तक न जुड़ सके. कुछ लोग सत्ता के पीछे भागते हैं. कुछ लोग सत्ता से भी बड़े बन जाते हैं.”
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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