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Sunday, 1 February, 2026
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ब्रिटिश संसद के उच्च सदन में भारतीय मूल के नए सदस्यों में डॉक्टर और प्रौद्योगिकी उद्यमी भी शामिल

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(अदिति खन्ना)

लंदन, 24 दिसंबर (भाषा) ब्रिटिश संसद के उच्च सदन ‘हाउस ऑफ लॉर्ड्स’ में नये साल पर शामिल होने वाले भारतीय मूल के नए सदस्यों में एक जानी-मानी डॉक्टर, एक प्रौद्योगिकी उद्यमी तथा यूरोपीय और स्थानीय सरकार स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले राजनेता शामिल हैं।

‘क्रिएट फर्टिलिटी’ की संस्थापक प्रोफेसर गीता नरगुंड, ‘एआई पॉलिसी लैब्स’ के संस्थापक उदय नागराजू, इंग्लैंड के वेस्ट मिडलैंड्स क्षेत्र से यूरोपीय संसद की पूर्व सदस्य नीना गिल और उत्तर-पश्चिम लंदन के ब्रेंट से पार्षद शमा टैटलर को प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर द्वारा ऊपरी सदन के सदस्य के रूप में नामित किया गया।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस महीने की शुरुआत में ऊपरी सदन के सदस्यों के नवीनतम समूह की पुष्टि की, जिन्हें औपचारिक रूप से महाराजा चार्ल्स तृतीय द्वारा ब्रिटिश संसद के ऊपरी सदन में नियुक्त किया गया है।

प्रोफेसर गीता नरगुंड महिला स्वास्थ्य विशेषज्ञ हैं तथा वह ‘क्रिएट फर्टिलिटी’ की संस्थापक हैं और जुलाई 2025 तक इसकी चिकित्सा निदेशक के रूप में कार्यरत रहीं।

उदय नागराजू लेबर पार्टी के प्रौद्योगिकी सलाहकार रहे हैं और उन्हें ‘‘सामाजिक भलाई के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता’’ के लिए पहचाना जाता है।

नीना गिल को समुदाय की सेवा के लिए ‘सीबीई’ सम्मान से नवाजा गया है। उनका जन्म पंजाब के लुधियाना में हुआ था और 10 वर्ष की आयु में वह ब्रिटेन चली आई थीं। ब्रेक्जिट से पहले यूरोपीय संसद की सदस्य के रूप में, गिल ने कई महत्वपूर्ण कानूनों को पारित कराने में अहम भूमिका निभाई।

शमा टैटलर की लेबर पार्टी में जमीनी स्तर के युवा ब्रिटिश भारतीय नेताओं के बीच एक मजबूत छवि है।

भाषा शफीक माधव

माधव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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