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Saturday, 18 April, 2026
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अफगानिस्तान के पड़ोसियों के सम्मेलन में युद्ध से जर्जर देश में भारत के प्रयासों पर चर्चा

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बीजिंग, एक अप्रैल (भाषा) युद्ध से जर्जर अफगानिस्तान की मदद करने के लिए चलाई जा रहीं आर्थिक पुनर्निमाण परियोजनाओं में तापी गैस पाइपलाइन प्रस्ताव, अफगानिस्तान को भारत से गेहूं आपूर्ति और ईरान में चाबहार बंदरगाह के विकास पर चर्चा हुई।

अफगानिस्तान के पड़ोसी देशों के विदेश मंत्रियों की तीसरी बैठक बृहस्पतिवार को चीन के आहुई प्रांत के तुन्शी में हुई। इसमें चीन, ईरान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्रियों या उनके प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

हालांकि, भारत को इस बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया था लेकिन सम्मेलन की प्रस्तावना में उसके द्वारा उठाए गए आर्थिक कदमों की चर्चा हुई।

तुर्कमेनिस्तान-अफगानिस्तान-पाकिस्तान-भारत (तापी) पाइपलाइन परियोजना को तालिबान के मौजूदा अंतरिम प्रशासन में अफगानिस्तान के पुनर्निमाण के लिए महत्वपूर्ण परियोजना में गिना गया। हालांकि यह परियोजना वर्षों से ठप पड़ी है।

भाषा अर्पणा नेत्रपाल

नेत्रपाल

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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