(अदिति खन्ना)
लंदन, सात अगस्त (भाषा) ब्रिटेन में आव्रजन विरोधी प्रदर्शनों से निपटने के लिए हजारों पुलिसकर्मियों को तैयार रखा गया है जिनमें विशेष प्रशिक्षण प्राप्त पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
देश में प्रदर्शनकारियों द्वारा आव्रजन वकीलों और उनके कार्यालयों को भी निशाना बनाये जाने तथा आव्रजन विरोधी धुर-दक्षिणपंथी प्रदर्शनों के बढ़ने की संभावना के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर ने मंगलवार शाम मंत्रियों, पुलिस प्रमुखों और सुरक्षा विशेषज्ञों के साथ दूसरी आपातकालीन ‘कोबरा’ बैठक की अध्यक्षता की ताकि दंगों का मुकाबला करने के लिए एक विस्तृत रणनीति तैयार की जा सके।
स्टॉर्मर ने ‘कैबिनेट ऑफिस ब्रीफिंग रूम ए’ (कोबरा) की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि जहां पुलिस कार्रवाई की आवश्यकता है, वहां वह हो। जिन विशेष स्थानों पर सहायता की आवश्यकता है, वहां वह मिले।’’
उन्होंने कहा, ‘‘स्पष्ट रूप से मुश्किल हालात हैं क्योंकि एक ही समय में कई अलग-अलग स्थानों पर अव्यवस्था फैली हुई है, यही कारण है कि मैंने दूसरी कोबरा बैठक की। मैं चाहता हूं कि हमारे पास पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी हो ताकि हम इस स्थिति से निपट सकें।’’
लगभग 400 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें से लगभग 100 के खिलाफ आरोप दर्ज किये गए हैं।
इंग्लैंड के लोक अभियोजन निदेशक स्टीफन पार्किंसन ने दंगाइयों को चेतावनी दी है कि वे आतंकवाद के आरोपों का सामना कर सकते हैं।
मेट्रोपॉलिटन पुलिस के उप सहायक आयुक्त एंडी वैलेंटाइन ने कहा, ‘‘यह देश इस दशक में हिंसक अव्यवस्था के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। हम लंदन और उसके लोगों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।’’
लिवरपूल और डरहम में मंगलवार को कुछ झड़पें हुईं। हाल में, साउथपोर्ट के समुद्र तटीय शहर में तीन लड़कियों की चाकू घोंपकर की गई हत्या की घटना के बाद हिंसक झड़पें शुरू हुई थीं। ब्रिटेन में जन्मे संदिग्ध के शरणार्थी होने के बारे में सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाया जाना दंगों का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।
भाषा शोभना सुभाष
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