ढाका, तीन नवंबर (भाषा) बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने सोमवार को सभी राजनीतिक दलों से ‘जुलाई चार्टर’ के संबंध में जनमत संग्रह पर एक सप्ताह के भीतर आम सहमति बनाने को कहा। उसने कहा कि अगर वे किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए तो एकतरफा फैसला लिया जाएगा।
कई दौर की चर्चाओं के बावजूद, राजनीतिक दल ‘चार्टर’ के तहत कई सुधारों पर आम सहमति बनाने में विफल रहे हैं।
मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस की अध्यक्षता में सलाहकार परिषद की एक आपात बैठक के बाद, विधि सलाहकार आसिफ नजरुल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करते हैं कि वे अपनी इच्छा से जल्द से जल्द, अगर संभव हो तो एक सप्ताह के भीतर, आम सहमति बनाएं।’’
उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक दल किसी समझौते पर नहीं पहुंचते हैं तो सरकार खुद फैसला करेगी।
यूनुस की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय सहमति आयोग ने ‘जुलाई चार्टर’ का मसौदा तैयार किया, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उसकी कभी सहयोगी रही जमात-ए-इस्लामी सहित कई राजनीतिक दलों के साथ परामर्श के बाद 80 से ज्यादा सुधार प्रस्ताव शामिल किए गए।
राजनीतिक दलों ने 17 अक्टूबर को एक समारोह में दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए, लेकिन इसके कार्यान्वयन की प्रक्रिया को लेकर मतभेद उभर आए। बीएनपी ने कहा कि मतदान के दिन इस पर जनमत संग्रह कराया जाना चाहिए, जबकि जमात इसे नवंबर तक चाहती है।
वर्तमान प्रशासन द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को भंग करने के बाद बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य में बीएनपी अग्रणी दावेदार के रूप में उभरी। हसीना को 5 अगस्त, 2024 को छात्रों के हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद सत्ता से बेदखल कर दिया गया था।
छात्रों की अगुवाई वाली नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) संयोजक नाहिद इस्लाम ने रविवार को कहा कि चुनाव से पहले या चुनाव के दिन जनमत संग्रह कराना स्वीकार्य होगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि ‘जुलाई चार्टर’ को लागू करने का आदेश मुख्य सलाहकार यूनुस द्वारा जारी किया जाना चाहिए, न कि राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा।
भाषा वैभव अविनाश
अविनाश
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