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Thursday, 10 September, 2026
होमविदेशBRICS में बांग्लादेश के प्रतिनिधि नहीं होंगे शामिल: FM कबीर बोले- ‘सही समय पर होगी द्विपक्षीय यात्रा’

BRICS में बांग्लादेश के प्रतिनिधि नहीं होंगे शामिल: FM कबीर बोले- ‘सही समय पर होगी द्विपक्षीय यात्रा’

भारत ने पहले ही पुष्टि कर दी थी कि रहमान को BIMSTEC के अध्यक्ष के तौर पर निमंत्रण भेजा गया था, और द्विपक्षीय यात्रा के लिए एक अलग निमंत्रण फरवरी से ही मौजूद है.

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नई दिल्ली: बांग्लादेश ने इस सप्ताह के अंत में नई दिल्ली में होने वाले BRICS नेताओं के शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होने का फैसला किया है. ढाका ने कहा है कि वह कोई प्रतिनिधि नहीं भेजेगा, क्योंकि प्रधानमंत्री तारिक रहमान को सिर्फ BIMSTEC के अध्यक्ष के तौर पर आमंत्रित किया गया था, न कि बांग्लादेश के सरकार प्रमुख के तौर पर.

दिलचस्प बात यह है कि रहमान को पहले आधिकारिक हैसियत से द्विपक्षीय यात्रा के लिए और फिर BIMSTEC के अध्यक्ष के तौर पर आमंत्रित किया गया था. फिलहाल BIMSTEC की अध्यक्षता बांग्लादेश के पास है. यह घटनाक्रम पिछले महीने दिप्रिंट की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के एक महीने बाद हुआ है. उस रिपोर्ट में बताया गया था कि प्रधानमंत्री रहमान जल्द ही भारत की द्विपक्षीय यात्रा नहीं करेंगे और BRICS नेताओं के शिखर सम्मेलन में भी शामिल नहीं होने की उम्मीद है.

BRICS के 2026 के अध्यक्ष के तौर पर भारत 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है.

गुरुवार को ढाका में पत्रकारों से बात करते हुए विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा, “हम कैसे जाएंगे? क्या बांग्लादेश सरकार के किसी व्यक्ति को आमंत्रित किया गया है? हमारे प्रधानमंत्री को आमंत्रित नहीं किया गया. आपको किसने बताया कि हमारे प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया गया है? BIMSTEC के अध्यक्ष को आमंत्रित किया गया है.”

भारत ने पहले पुष्टि की थी कि बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल (BIMSTEC) के अध्यक्ष के तौर पर रहमान को निमंत्रण दिया गया था. फरवरी से ही द्विपक्षीय यात्रा के लिए अलग निमंत्रण भी मौजूद है.

बांग्लादेश ने 2025 में दो साल के लिए BIMSTEC की अध्यक्षता संभाली थी.

कबीर ने आगे कहा कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री की भारत की पहली यात्रा बहुपक्षीय यात्रा नहीं हो सकती और द्विपक्षीय यात्रा पर चर्चा चल रही है. यह यात्रा तब होगी जब “समय अनुकूल होगा”.

कबीर ने पिछले महीने एक इंटरव्यू में, जब वह बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार थे, कहा था कि “राष्ट्रीय हित से आगे जाकर शीर्ष स्तर की यात्रा करने की जल्दबाजी का कोई कारण नहीं है.”

उस समय कबीर ने रहमान की संभावित भारत यात्रा की खबरों को “बेबुनियाद और सिर्फ अनुमान पर आधारित” बताया था. उन्होंने कहा था कि बांग्लादेश स्पष्ट रूप से तय राष्ट्रीय हितों के बिना किसी उच्चस्तरीय यात्रा की जल्दबाजी नहीं करेगा.

ढाका में राजनीतिक सूत्रों ने पहले ThePrint को बताया था कि आने वाले महीनों में कोई द्विपक्षीय यात्रा होने की संभावना नहीं है, जब तक कि “भारत प्रतीकात्मक संपर्क से आगे नहीं बढ़ता”.

रिश्तों में तनाव

बांग्लादेश का यह ताजा फैसला दोनों देशों के बीच पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और नई दिल्ली में उनके प्रेस कॉन्फ्रेंस और मीडिया इंटरव्यू को लेकर बढ़ते मतभेदों के बीच आया है.

कबीर ने अपने इंटरव्यू में कहा था कि भारत के साथ रिश्तों का भविष्य, जिसमें रहमान की संभावित यात्रा भी शामिल है, कुछ हद तक भारत के नेतृत्व के रुख में बदलाव पर निर्भर करेगा.

उन्होंने कहा, “पड़ोसी देश को बांग्लादेश के जुलाई जनविद्रोह की वास्तविकता को ठीक से समझना चाहिए, जो 1,500 से ज्यादा लोगों के बलिदान के जरिए हुआ.”

कबीर ने भारतीय जमीन से हसीना को दिए गए राजनीतिक और मीडिया मंच का कड़ा विरोध किया. उन्होंने कहा, “जुलाई जनविद्रोह के बाद बांग्लादेश में तानाशाही शासन का अंत हुआ, जिसमें 1,500 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान दी. ऐसे में फासीवादी शेख हसीना को भारत में राजनीतिक या मीडिया मंच देना, जो बांग्लादेश से भागकर वहां एक अपराधी के तौर पर शरण लेने गईं, भारत के लोकतांत्रिक शिष्टाचार के खिलाफ है.”

उन्होंने कहा कि भारतीय जमीन का इस्तेमाल ऐसी गतिविधियों के लिए करने देना, जो बांग्लादेश को अस्थिर कर सकती हैं, या गंभीर अपराधों के आरोपी या दोषी लोगों को मंच देना, इससे लाखों बांग्लादेशी नाराज हुए हैं.

उन्होंने कहा था कि नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक नियमों के तहत ऐसी गतिविधियों को सही नहीं ठहरा सकती या सिर्फ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हवाला नहीं दे सकती.

कबीर ने अपने इंटरव्यू में कहा था कि ढाका यह भी स्पष्टता चाहता है कि नई दिल्ली दो-तिहाई बहुमत से चुनी गई बांग्लादेशी सरकार के साथ किस तरह के रिश्ते बनाना चाहती है.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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