ढाका: बांग्लादेश में गुरुवार को 13वें संसदीय चुनाव और संस्थागत सुधारों पर साथ में राष्ट्रीय जनमत संग्रह के लिए वोटिंग शुरू हुई. इसे देश के लोकतांत्रिक भविष्य के लिए एक अहम मोड़ माना जा रहा है. मतदान सुबह 7:30 बजे शुरू हुआ और देशभर की 299 सीटों पर शाम 4:30 बजे तक चलेगा.
दशकों से एक अनलिखा राजनीतिक समीकरण बांग्लादेश के चुनावी हालात को प्रभावित करता रहा है: जिस पार्टी को राजधानी ढाका में बहुमत मिलता है, वही अक्सर सरकार बनाती है. 1990 के जनआंदोलन के बाद से राष्ट्रीय जनादेश अक्सर ढाका के चुनाव नतीजों जैसा ही रहा है.
1991 के 5वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने ढाका जिले की सभी 13 सीटें जीतीं और बाद में सरकार बनाई. जून 1996 में अवामी लीग ने राजधानी की 13 में से 8 सीटें जीतीं, जबकि बीएनपी को 5 सीटें मिलीं—यह नतीजा 21 साल बाद अवामी लीग की सत्ता में वापसी का कारण बना. 2001 में बीएनपी के नेतृत्व वाले चार-पार्टी गठबंधन ने फिर से ढाका की सभी 13 सीटें जीतीं और सरकार बनाई.
2008 में सीटों के पुनर्निर्धारण के बाद ढाका की सीटें 13 से बढ़कर 20 हो गईं. उसी साल हुए 9वें राष्ट्रीय चुनाव में अवामी लीग ने 20 में से 18 सीटें जीतीं और उसका गठबंधन सत्ता में आया.
इस साल का मुकाबला एक बिल्कुल अलग राजनीतिक स्थिति में हो रहा है.
अवामी लीग की गैरमौजूदगी में ढाका में मुख्य चुनावी मुकाबला बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11-पार्टी गठबंधन के बीच है. नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) और बांग्लादेश खेलाफत मजलिस ने भी कई सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं.
बीएनपी राजधानी में अपनी पकड़ फिर से मजबूत करना चाहती है, जबकि जमात और उसके सहयोगी बीएनपी के पारंपरिक वोट बैंक को कम करने की कोशिश कर रहे हैं. कई सीटों पर मुख्य मुकाबला बीएनपी के “धान की बालियां” निशान और उसके प्रतिद्वंद्वियों—जमात के “तराजू”, एनसीपी के “कमल कली” और बांग्लादेश खेलाफत मजलिस के “रिक्शा” निशान के बीच है.
दो सीटों पर खास ध्यान है.
ढाका-10 धनमंडी, जिसे अक्सर रुझान बताने वाली सीट माना जाता है, यहां बीएनपी के शेख रबीउल आलम का मुकाबला जमात के जसीम उद्दीन सरकार से है. दिप्रिंट ने पहले यहां मतदाताओं से बात की थी और यहां बीएनपी को हल्की बढ़त मिलती दिख रही है.
ढाका-17 (गुलशन–बनानी) में बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान का मुकाबला जमात के डॉ. एस.एम. खालिदुज्जमान से है. शुरुआती संकेत बताते हैं कि इस सीट पर बीएनपी मजबूत स्थिति में है.
कई बड़े नेताओं ने सुबह ही वोट डाला. बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के अमीर शफीकुर रहमान ने सुबह करीब 8:30 बजे ढाका के मणिपुर हाई स्कूल केंद्र पर वोट डाला. बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने ठाकुरगांव गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल में सुबह वोट डाला.
बड्डा में वोट डालने के बाद एनसीपी नेता नाहिद इस्लाम ने सभी से बिना डर के मतदान करने की अपील की.
उन्होंने मीडिया से कहा, “पिछले 16 साल में निष्पक्ष वोट का मौका नहीं मिला. अब वोट डालकर लोकतंत्र में लौटने का मौका आया है.” उन्होंने भरोसा जताया कि अगर मतदान निष्पक्ष रहा तो 11-पार्टी गठबंधन जीत हासिल करेगा.
उन्होंने कहा, “अगर लोगों को खुलकर और निष्पक्ष तरीके से वोट डालने दिया गया तो हम सरकार बनाने के करीब हैं. हम जनता का फैसला स्वीकार करेंगे.”
गुरुवार को वोट डालने के बाद तारिक रहमान ने कहा कि अभी देश के सभी हिस्सों से रिपोर्ट नहीं मिली है और बुधवार रात कुछ जगहों पर अप्रत्याशित घटनाओं की खबरें आई हैं.

उन्होंने मीडिया से कहा, “कल रात कुछ अप्रत्याशित रिपोर्ट मिलीं, जो बिल्कुल भी अच्छी नहीं हैं. हालांकि, हमने देखा कि कानून-व्यवस्था एजेंसियों ने हर स्थिति को सख्ती से संभाला. मेरा मानना है कि अगर आज लोग बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर आकर वोट डालते हैं तो किसी भी साजिश को नाकाम किया जा सकता है.”
चुनाव नतीजों पर सवाल के जवाब में बीएनपी अध्यक्ष ने सकारात्मक रुख दिखाया. उन्होंने कहा, “अभी मतदान शुरू हुआ है. नतीजों पर अभी कुछ कहना ठीक नहीं होगा. लेकिन इंशा अल्लाह, मैं बहुत आशावादी हूं. हमें जनता के फैसले पर पूरा भरोसा है.”
चुनाव से एक दिन पहले देश के कई हिस्सों में हिंसा, वोट में गड़बड़ी की कोशिश, गिरफ्तारियां और हथियार बरामद होने की खबरें आईं.
ढाका में पुलिस ने जमात की सुतरापुर थाना इकाई के नायब-ए-अमीर मोहम्मद हबीब को वोट खरीदने के आरोप में गिरफ्तार किया. इससे पहले बनानी थाना क्षेत्र के कोराइल झुग्गी इलाके में बीएनपी और जमात की महिला कार्यकर्ताओं के बीच झड़प में जमात की एक कार्यकर्ता घायल हो गई. नारायणगंज के सोनारगांव में नारायणगंज-3 से जमात उम्मीदवार इकबाल हुसैन भुइयां ने आरोप लगाया कि बीएनपी कार्यकर्ताओं ने सोनमंडी यूनियन में वार्ड स्तर के जमात नेता उस्मान गनी के घर में तोड़फोड़ की.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
