ढाका, 12 अक्टूबर (भाषा) बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण के मुख्य अभियोजक ने रविवार को 15 सेवारत सैन्य अधिकारियों को तत्काल अदालत में पेश करने की मांग की जबकि सेना ने बताया कि अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के शासनकाल के दौरान मानवता के विरुद्ध कथित अपराधों के मुकदमे के लिए इन अधिकारियों को हिरासत में लिया गया है।
न्यायाधिकरण के मुख्य अभियोजक ताजुल इस्लाम ने संवाददाताओं से कहा, “संविधान, अंतरराष्ट्रीय अपराध (न्यायाधिकरण) अधिनियम 1973 और दंड प्रक्रिया संहिता स्पष्ट हैं कि किसी को भी अदालत में पेश किए बिना 24 घंटे से ज्यादा हिरासत में नहीं रखा जा सकता।”
उन्होंने कहा कि अगर सेना ने इन 15 सैन्य अधिकारियों को हिरासत में लिया है, तो उन्हें कानून के अनुसार 24 घंटे के भीतर अदालत में पेश किया जाना चाहिए। सेना ने एक दिन पहले घोषणा की थी कि अपदस्थ प्रधानमंत्री हसीना के शासन के दौरान अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए मानवता के विरुद्ध कथित अपराधों के संबंध में मुकदमा चलाने के लिए 15 अधिकारियों को हिरासत में लिया गया है, जिसके बाद न्यायाधिकरण के मुख्य अभियोजक ने यह टिप्पणी की।
बांग्लादेश सेना के एडजुटेंट जनरल मेजर जनरल मोहम्मद हकीमुज्जमां ने शनिवार को सैन्य मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए था, “16 अधिकारियों को सेना मुख्यालय में रिपोर्ट करने के निर्देश जारी किए गए थे। उनमें से 15 ने जवाब दिया।”
भाषा जितेंद्र रंजन
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