(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, तीन अगस्त (भाषा) पाकिस्तान में सरकार के साथ ‘‘सफल’’ वार्ता के बावजूद बलोच प्रदर्शनकारियों ने शनिवार को बलूचिस्तान प्रांत के विभिन्न क्षेत्रों में अपना धरना जारी रखा।
बलोच लोगों के अधिकारों के कथित उल्लंघन के खिलाफ जारी विरोध-प्रदर्शन को समाप्त करने के लिए एक दिन पहले ही प्रदर्शनकारियों और सरकार के बीच वार्ता हुई थी।
बलोच यकजेहती समिति (बीवाईसी) ने बलोच लोगों के अधिकारों के कथित उल्लंघन, जिसमें उन्हें जबरन गायब करना भी शामिल है, के खिलाफ 28 जुलाई को तटीय शहर ग्वादर और बलूचिस्तान के अन्य स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन शुरू किया था।
अशांत बलूचिस्तान के लोग संघीय सरकार पर प्रांत के संसाधनों को ‘‘चुराने’’ का आरोप लगाते रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि बलोच आतंकवादियों को पाकिस्तान को अस्थिर करने के लिए विदेशी तत्वों से समर्थन मिल रहा है।
सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि प्रदर्शनकारियों के नेताओं के साथ समझौता हो गया है और वे धरना-प्रदर्शन समाप्त करने के लिए सहमत हो गए हैं। हालांकि, यह घोषणा प्रांत के नुश्की इलाके में सुरक्षा बलों के साथ झड़प के दौरान एक व्यक्ति की मौत और अन्य के घायल होने के दौरान हुई है।
बीवाईसी के नेता बिबर्ग बलोच ने नुश्की में एकजुटता समिति के धरने पर गोलीबारी के लिए सुरक्षा बलों को दोषी ठहराया और कहा कि शांतिपूर्ण विरोध पर गोलीबारी का कोई औचित्य नहीं है।
वहीं, नुश्की के उपायुक्त अमजद सूमरो ने कहा कि प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प के कारण लोग हताहत हुए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने नुश्की में ‘रेड जोन’ की ओर बढ़ने की कोशिश की।
बिबर्ग बलोच ने मीडिया को बताया कि हत्या के विरोध में शनिवार को नुश्की में क्वेटा-ताफ्तान राजमार्ग पर धरना जारी रहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ग्वादर में बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनकी रिहाई तक विरोध जारी रहेगा।
भाषा
शफीक पवनेश
पवनेश
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