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Friday, 10 April, 2026
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नेपाल के चुनावों में बलेंद्र शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी एकतरफा जीत की ओर अग्रसर

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(तस्वीरों के साथ)

(शिरीष बी प्रधान)

काठमांडू, छह मार्च (भाषा) रैपर से राजनेता बने बलेंद्र शाह की नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) शुक्रवार को नेपाल में सितंबर में हुए हिंसक जनरेशन जेड के विरोध प्रदर्शनों के बाद पहले आम चुनावों में भारी जीत की ओर अग्रसर है। इस विरोध प्रदर्शन के कारण के.पी. शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार गिर गयी थी।

स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार, चुनाव आयोग के पास कुल 165 निर्वाचन क्षेत्रों में से 144 निर्वाचन क्षेत्रों से उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, आरएसपी ने तीन सीटें जीती हैं और 104 अन्य सीटों पर आगे चल रही है।

नेपाली कांग्रेस ने दो सीटें जीती हैं और 12 अन्य सीटों पर आगे चल रही है, जबकि सीपीएन-यूएमएल 10 सीटों पर आगे है। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी ने एक सीट जीती है और छह सीटों पर आगे चल रही है।

इस परिणाम से राजनीतिक रूप से अस्थिर नेपाल में एक मजबूत सरकार मिलने की उम्मीद है, जहां पिछले 18 वर्षों में 14 सरकारें बदल चुकी हैं।

भारत इस चुनाव पर करीब से नजर रख रहा है, जो राजनीतिक रूप से अस्थिर हिमालयी देश में एक स्थिर सरकार की उम्मीद कर रहा है ताकि दोनों पक्षों के बीच विकासात्मक साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सके।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बृहस्पतिवार को दिल्ली में कहा, “हम पारस्परिक लाभ के लिए अपने दोनों देशों और लोगों के बीच मजबूत बहुआयामी संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए नेपाल की नई सरकार के साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं।”

उन्होंने कहा कि भारत ने “नेपाल में शांति, प्रगति और स्थिरता का लगातार समर्थन किया है और अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, इन चुनावों के लिए नेपाल सरकार के अनुरोध के अनुसार साजोसामान संबंधी आपूर्ति प्रदान की है”।

हाल ही तक काठमांडू के मेयर रहे बलेंद्र शाह, झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में चार बार के प्रधानमंत्री और सीपीएन-यूएमएल अध्यक्ष ओली के गढ़ में उनसे आगे चल रहे हैं। शाह, जिन्हें लोकप्रिय रूप से बालेन के नाम से जाना जाता है, को 6,551 वोट मिले, जबकि ओली को केवल 1,428 वोट मिले।

लोकप्रिय रूप से ‘बालेन’ के नाम से जाने जाने वाले 35 वर्षीय इंजीनियर को अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए एक लोकप्रिय विकल्प माना गया। यह स्थिति तब बनी जब जनरेशन-जेड (जेन जेड) के युवाओं ने पिछले साल सितंबर में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ दो दिनों तक चले देशव्यापी हिंसक प्रदर्शनों के बाद ओली-नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को सत्ता से हटा दिया।

बालेन ने तब हालांकि अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने से इनकार करते हुए कहा कि वे संसदीय चुनाव लड़कर पूर्ण कार्यकाल के लिए सरकार का नेतृत्व करना पसंद करेंगे।

जनवरी में, वे रवि लामिछाने के नेतृत्व वाली आरएसपी में शामिल हो गए और जल्द ही पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित कर दिए गए।

अन्य पार्टियों में, श्रम संस्कृति पार्टी छह निर्वाचन क्षेत्रों में आगे चल रही है।

आरएसपी की रंजू दर्शन ने काठमांडू-1 से 15,455 वोटों से जीत हासिल की, जबकि एनसी के योगेश गौचन ठकाली ने मुस्तांग से 3,307 वोटों से जीत दर्ज की।

एक अधिकारी के अनुसार, पुष्प कमल दाहाल प्रचंड रुकुम पूर्व में जीत गए हैं। उन्होंने 10,240 वोट हासिल किए, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी सीपीएन (यूएमएल) की लीलामणि गौतम को 3,462 वोट मिले।

रवि लामिछाने के नेतृत्व वाली आरएसपी काठमांडू के सभी 10 निर्वाचन क्षेत्रों में आगे चल रही है।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतगणना बृहस्पतिवार देर रात शुरू हुई और इसके शुक्रवार रात तक समाप्त हो जाने की संभावना है। नेपाल में प्रतिनिधि सभा के लिए बृहस्पतिवार को हुए चुनावों के दौरान लगभग 60 प्रतिशत मतदान हुआ।

‘जेन जेड’ के हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद नेपाल में ओली की सरकार गिर गयी थी। ‘जेन जेड’ पीढ़ी से तात्पर्य 1997 से 2012 के बीच पैदा हुए लोगों से है।

वर्ष 2022 में गठित आरएसपी को चुनाव प्रचार के दौरान काफी समर्थन मिला और शाह को प्रधानमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। दूसरी ओर, नेपाली कांग्रेस और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी)(सीपीएन-यूएमएल) उस सरकार का हिस्सा थीं जो पिछले साल ‘जेन-जेड’ के विरोध-प्रदर्शनों के बाद गिर गई थी।

नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन थापा अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं जबकि सीपीएन (यूएमएल) ने ओली को प्रधानमंत्री पद के लिए अपना चेहरा बनाया है।

इस आम चुनाव में प्रतिनिधि सभा के 275 सदस्यों को चुनने के लिए 1.89 करोड़ से अधिक नेपाली नागरिक मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए पात्र थे। चुनाव में 165 सदस्यों को प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली और 110 सदस्यों को आनुपातिक मतदान के जरिए चुना जाना है।

प्रतिनिधि सभा की 165 सीट पर प्रत्यक्ष मतदान में 3,406 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनके अलावा 110 सीट के लिए 3,135 उम्मीदवार मैदान में हैं।

भाषा प्रशांत माधव

माधव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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