(अदिति खन्ना)
लंदन, 11 अगस्त (भाषा) सोशल मीडिया पर गलत सूचना के कारण ब्रिटेन के कई शहरों में दक्षिणपंथियों के दंगों के मद्देनजर पाठ्यक्रम में प्रस्तावित बदलावों के तहत स्कूली बच्चों को सिखाया जाएगा कि चरमपंथ से जुड़ी ऑनलाइन सामग्री और फर्जी खबरों को कैसे पहचाना जाए।
ब्रिटेन की शिक्षा मंत्री ब्रिजेट फिलिप्सन ने रविवार को ‘द डेली टेलीग्राफ’ को बताया कि वह प्राथमिक और माध्यमिक दोनों स्कूली पाठ्यक्रम की समीक्षा शुरू कर रही हैं ताकि विभिन्न विषयों में आलोचनात्मक नजरिये की सोच विकसित की जा सके और बच्चों को ‘‘षड्यंत्र सिद्धांतों’’ के खिलाफ तैयार किया जा सके।
इसका अर्थ यह है कि स्कूली बच्चे अंग्रेजी पाठों में लेखों का विश्लेषण कर सकते हैं, ताकि उन्हें यह सीखने में मदद मिल सके कि सटीक रिपोर्टिंग से मनगढ़ंत चीजों को कैसे अलग किया जाए।
फिलिप्सन ने कहा, ‘‘यह पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है कि हम युवाओं को ज्ञान और कौशल प्रदान करें ताकि वे ऑनलाइन जो कुछ भी देखते हैं, उसकी सामग्री को चुनौती दे सकें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यही कारण है कि हमारी पाठ्यक्रम समीक्षा के तहत पाठों में महत्वपूर्ण कौशल को शामिल करने की योजना रहेगी ताकि हमारे बच्चों को सोशल मीडिया पर फैली गलत सूचनाओं, फर्जी खबरों और घृणित षड्यंत्र के सिद्धांतों से बचाया जा सके।’’
भाषा शफीक नेत्रपाल
नेत्रपाल
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