(अदिति खन्ना)
लंदन, 23 जुलाई (भाषा) ब्रिटिश-पाकिस्तानी कट्टरपंथी इस्लामवादी उपदेशक अंजम चौधरी को एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन को दिशा-निर्देश देने का दोषी पाया गया और संयुक्त अंतरराष्ट्रीय जांच के बाद ब्रिटेन में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा सकती है।
चौधरी (57) को अल-मुहाजिर (एएलएम) में ‘‘कार्यवाहक की भूमिका’’ निभाते पाया गया था और लंदन के ‘वूलविच क्राउन कोर्ट’ में सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि उसने 2014 के बाद एक महत्वपूर्ण अवधि के लिए आतंकवादी समूह को दिशा-निर्देश दिए थे और ऑनलाइन माध्यम से की गई बैठकों को संबोधित करके संगठन के लिए समर्थन को प्रोत्साहित किया था।
जानकारी के अनुसार 30 जुलाई को उसे सजा सुनाई जाएगी, माना जा रहा है कि उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा सकती है। मेट्रोपॉलिटन पुलिस, न्यूयॉर्क पुलिस विभाग और रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस की ओर से की गई जांच के परिणामरूप दोषसिद्धि हो पाई।
मेट्रोपॉलिटन पुलिस की आतंकवाद-रोधी कमांड के प्रमुख कमांडर डोमिनिक मर्फी ने कहा, ‘‘अल-मुहाजिर दुनिया भर में अपनी पहुंच बना चुका है और इसका जन सुरक्षा पर व्यापक प्रभाव पड़ा है।’’
अल-मुहाजिर को पहली बार 2006 में अल घुरबा नाम से ब्रिटेन द्वारा प्रतिबंधित किया गया था। अल-मुहाजिर को 2010 में वैकल्पिक नाम के रूप में प्रतिबंध में शामिल किया गया। चौधरी इसके मूल तीन सदस्यों में से एक था।
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