(बरुण झा)
दावोस, 24 मई (भाषा) स्वतंत्रता को मुक्त व्यापार से अधिक महत्वपूर्ण करार देते हुए नाटो के महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने मंगलवार को कहा कि यूक्रेन युद्ध ने दुनिया को सिखाया है कि अधिनायकवादी शासन पर आर्थिक निर्भरता में बड़े जोखिम हैं। उन्होंने चीन को अधिनायकवादी सरकार का उदाहरण बताया।
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक 2022 को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) यूक्रेन का समर्थन जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन नाटो सैनिकों को वहां भेजकर युद्ध में अपनी प्रत्यक्ष भागीदारी से इंकार किया।
स्टोलटेनबर्ग ने कहा, ‘‘हमने 2014 से यूक्रेन को अपना समर्थन प्रदान किया है, जिसे अब बढ़ा दिया गया है। हम समर्थन जारी रखेंगे, लेकिन वहां नाटो सैनिकों को भेजकर हम सीधे युद्ध में शामिल नहीं होंगे। यह उकसाने के लिए नहीं बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए है कि हर सहयोगी सुरक्षित रहे।’’
स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि यूक्रेन युद्ध ने हमें सिखाया है कि अधिनायकवादी शासन पर आर्थिक निर्भरता के भारी जोखिम हो सकते हैं जिसे हमने ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में निर्भरता के रूप में देखा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी उन्नत तकनीक के निर्यात और 5जी जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर विदेशी नियंत्रण के कारण जोखिम से भी सब अवगत हैं।
नाटो प्रमुख ने कहा, ‘‘यह रूस के साथ चीन के बारे में भी है। यह एक और अधिनायकवादी शासन है जो हमारे मूल्यों को साझा नहीं करता है। नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को भी कमजोर करने का प्रयास करता है।’’
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार निस्संदेह बड़ी समृद्धि लाया है। साथ ही, स्टोलटेनबर्ग ने कहा, ‘‘मैंने और आज यहां मौजूद हममें से कई लोगों ने एक अधिक वैश्वीकृत अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए कड़ी मेहनत की है, लेकिन हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि हमारे आर्थिक विकल्पों का हमारी सुरक्षा के लिए नतीजे भी हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुक्त व्यापार की तुलना में स्वतंत्रता अधिक महत्वपूर्ण है और मूल्यों की रक्षा करना भी बेहद जरूरी है। हमारे मूल्यों की सुरक्षा लाभ से अधिक महत्वपूर्ण है।’’
नाटो प्रमुख ने कहा कि चीन के साथ व्यापार करने के बहुत लाभ हैं, लेकिन जब 5जी नेटवर्क की बात आती है तो इसमें सुरक्षा संबंधी चिंताएं शामिल हैं और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
स्टोलटेनबर्ग ने कहा, ‘यूक्रेन के खिलाफ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के युद्ध ने यूरोप में शांति भंग कर दी है। रूस के आक्रमण के बाद से हमने अपना समर्थन काफी बढ़ा दिया है। नाटो की मुख्य जिम्मेदारी अपने सहयोगियों की रक्षा करना और इस युद्ध को बढ़ने से रोकना है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘नाटो में, हमने खुफिया जानकारी एकत्र की और यूक्रेन पर हमला करने के रूस के इरादों के बारे में अपनी जानकारी सार्वजनिक की।’’
स्टोलटेनबर्ग ने कहा, ‘‘2014 में यूक्रेन पर पहले आक्रमण के बाद से, नाटो नजर रखता रहा है। जब रूस ने इस साल फिर से यूक्रेन पर हमला किया तो हमने अपना समर्थन बढ़ाया। नाटो क्षेत्र पर किसी भी हमले का जवाब देने के लिए हमारे पास 1,00,000 सैनिक हाई अलर्ट पर हैं।’’
भाषा आशीष नरेश
नरेश
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