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Wednesday, 18 February, 2026
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ईशान और सूर्यकुमार समझते हैं कि उन्हें इंतजार करना होगा: राठौड़

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तिरूवनंतपुरम, 14 जनवरी (भाषा) भारत के बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ ने शनिवार को कहा कि फॉर्म में चल रहे ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव इस बात को समझते हैं कि उन्हें वनडे प्रारूप में अपनी बारी का इंतजार करना होगा।

हाल के वर्षों में टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनके शानदार प्रदर्शन के बावजूद दोनों खिलाड़ियों को श्रीलंका के खिलाफ चल रही तीन मैचों की श्रृंखला के पहले दो वनडे में शामिल नहीं किया गया जिससे खेल प्रेमी और कुछ पूर्व खिलाड़ी काफी हैरान थे।

राठौड़ ने कहा, ‘‘उन्हें बाहर बैठने के लिये बाध्य नहीं किया गया है, मेरा मतलब है कि अन्य खिलाड़ी भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। बतौर खिलाड़ी वे भी इस बात को समझते हैं और उन्हें भी अपने मौके का इंतजार करना होगा और वे भी इसकी तैयारी कर रहे हैं, वे कड़ी मेहनत करते हैं और जब भी मौका मिलता है, वे अच्छा करते हैं और अपनी जगह पर डटे रहते हैं। ’’

सूर्यकुमार जहां टी20 में दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज हैं और खेल के छोटे प्रारूप में अपनी शानदार लय का लुत्फ उठा रहे हैं तो वहीं ईशान ने श्रीलंका श्रृंखला से पहले बांग्लादेश में अपना वनडे दोहरा शतक जमाया।

यह पूछने पर कि ईशान को मध्यक्रम में बल्लेबाजी के लिये कहा जा सकता है तो राठौड़ ने कहा, ‘‘इस समय, उसे बतौर सलामी बल्लेबाज चुना जा रहा है लेकिन बल्लेबाजी इकाई के तौर पर हम काफी लचीले हैं और अगर किसी को जैसे ईशान को मध्यक्रम में आजमाने की जरूरत होती है तो हमें ऐसा करना पड़ेगा। हालांकि इस समय उसे सलामी बल्लेबाज के तौर पर ही देखा जा रहा है। ’’

जब सूर्यकुमार पर चर्चा होने लगी तो राठौड़ ने कहा, ‘‘उसमें काफी शानदार काबिलियत है, वह अच्छी फॉर्म में रहा है, उसे रिजर्व में रखना शानदार रहा है और उम्मीद है कि जब समय आयेगा तो वह यह जिम्मेदारी लेगा और टीम के लिये अच्छा प्रदर्शन करेगा। टीम में इतने बेहतरीन खिलाड़ी का होना शानदार है। ’’

इस साल होने वाले वनडे विश्व कप के संबंध में बल्लेबाजी कोच ने कहा, कि खिलाड़ियों के कोर ग्रुप को तय करने के लिये ‘’20 मैच काफी हैं’’।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हम जिस कोर ग्रुप को चाहते हैं, उसकी छंटनी करने के लिये 20 मैच काफी हैं। बतौर टीम प्रबंधन हम समझते हैं कि हमें किस खिलाड़ी को चुनना है। अगर इस बारे में स्पष्टता है तो मुझे लगता है कि इन निश्चित चीजों पर काम करने के लिये 20 मैच काफी हैं। ’’

भाषा नमिता मोना

मोना

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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