नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने बुधवार को कहा कि आगामी एशियाई खेलों के लिए देश के कुश्ती दल का अंतिम आकलन खिलाड़ियों की चीन के लिए रवानगी से पहले किया जायेगा ताकि सबसे प्रतिस्पर्धी टीम भेजने की संभावना बढ़ायी जा सके।
आईओए ने एक बयान में कहा कि ‘‘ एशियाई खेलों में भाग लेने के लिए पहलवानों की चयन प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय महासंघ (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार ही होगी। ’’
आईओए का बयान ऐसे समय में आया है जब देश के जूनियर पहलवानों ने निष्पक्ष सुनवाई की मांग करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया क्योंकि तदर्थ पैनल ने बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट को एशियाई खेलों के ट्रायल से छूट दे दी थी।
हालांकि आईओए अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि प्रविष्टियां भेजने के बाद आकलन प्रासंगिक होगा या नहीं।
आईओए अधिकारियों से लगातार बात करने की कोशिश की गयी लेकिन किसी ने फोन का जवाब नहीं दिया।
आईओए की विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘चयन समिति में अनुभवी अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हैं जिन्होंने हाल में पहलवानों के चयन के लिए मानदंड तैयार किये हैं ताकि रिजर्व पहलवानों सहित टीम की प्रवेश प्रक्रिया 23 जुलाई 2023 से पहले पूरी की जा सके। ’’
इसमें कहा गया, ‘‘एशियाई खेलों 2022 में सबसे प्रतिस्पर्धी कुश्ती टीम भेजने की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए टीम की रवानगी से पहले अंतिम आकलन किया जायेगा। ’’
इसके अनुसार, ‘‘इससे हमें खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म का आकलन करने, उनके हाल के प्रदर्शन पर विचार करने और अंतिम मिनट में किसी भी घटनाक्रम को ध्यान में रखने का मौका मिल जायेगा। ’’
आईओए अध्यक्ष पीटी ऊषा ने चयन प्रक्रिया पर बात करते हुए कहा, ‘‘हम भारतीय खेलों में उत्कृष्टता और निष्पक्ष खेल की संस्कृति को बढ़ावा देने में विश्वास करते हैं। एशियाई खेल हमारे खिलाड़ियों को बड़े मंच पर प्रतिस्पर्धा करने और देश को गौरवान्वित करने का शानदार मौका प्रदान करते हैं। ’’
भाषा नमिता पंत
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