मुंबई, 26 अप्रैल (भाषा) न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज और सनराइजर्स हैदराबाद के सहायक कोच जेम्स फ्रैंकलिन का मानना है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में बड़े स्कोर वाले मैच ‘उबाऊ’ हैं या नहीं, यह फैसला प्रशंसकों पर निर्भर करता है, क्योंकि खेल अभी भी बल्लेबाजों के पक्ष में काफी झुका हुआ है।
आईपीएल 2026 के अब तक के 40 मैचों में 31 बार 200 से अधिक का स्कोर बना है। इसमें कुछ दिन पहले दिल्ली में दिल्ली कैपिटल्स के दो विकेट 264 रन के जवाब में पंजाब किंग्स द्वारा बनाया गया सत्र का सर्वश्रेष्ठ स्कोर चार विकेट पर 265 रन भी शामिल है।
फ्रैंकलिन ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच की पूर्व संध्या पर कहा, ‘‘मेरे नजरिए से मैं खेल में पूरी तरह डूबा हुआ हूं। मैं मौजूदा स्थिति पर ही ध्यान देता हूं। अब मैच ऊबाऊ हो रहे हैं या नहीं, यह दर्शकों पर निर्भर है।”
उन्होंने कहा कि कोचिंग और टीम रणनीति के स्तर पर उन्हें मौजूदा हालात के अनुसार ही काम करना पड़ता है।
दिल्ली कैपिटल्स ने हाल ही में जहां 260 से अधिक रन बनाए थे, अगले ही मैच में टीम को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने मात्र 75 रन पर समेट दिया था।
फ्रैंकलिन ने कहा कि यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे आईपीएल में गेंदबाजों के लिए संतुलन कैसे बनता है, क्योंकि फिलहाल खेल बल्लेबाजों के पक्ष में झुका हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कल रात का मैच देखा ही नहीं, मैंने बाद में स्कोरकार्ड पर देखा। मुझे अपनी आंखों पर विश्वास ही नहीं हुआ।”
उन्होंने कहा, ‘‘आईपीएल में फिलहाल हम 200 से अधिक के स्कोर देखने के इतने आदी हो चुके हैं, इसलिए स्कोरकार्ड पर बिल्कुल विपरीत स्कोर देखना वाकई आश्चर्यजनक था।”
उन्होंने कहा, ‘‘यह देखना दिलचस्प होगा कि यह किस तरह से आगे बढ़ता है, न केवल इस टूर्नामेंट में, बल्कि संभावित रूप से आईपीएल के भविष्य के सत्रों में भी।”
उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा, ‘‘क्या आप इसे गेंदबाजी पक्ष की ओर थोड़ा और संतुलित करना शुरू कर सकते हैं?”
फ्रैंकलिन ने कहा, ‘‘फिलहाल तो ऐसा लग रहा है कि बल्लेबाजों का पलड़ा भारी है। इसकी वजह चाहे पिच हो, इम्पैक्ट प्लेयर नियम हो, या फिर बल्लेबाजों का कौशल, या पिच—तो चलिए देखते हैं आगे क्या होता है। ”
भाषा आनन्द सुधीर
सुधीर
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