अहमदाबाद, 29 अप्रैल (भाषा) गुजरात टाइटन्स के शीर्ष क्रम को आईपीएल की कुछ अन्य टीम की तरह आक्रामक तेवर नहीं दिखाने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा है लेकिन सहायक कोच पार्थिव पटेल ने टीम की सोच में किसी भी बदलाव की संभावना से इनकार किया है।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ अपने घरेलू मैदान पर होने वाले दूसरे चरण के मैच से पहले पार्थिव को याद दिलाया गया कि चिन्नास्वामी स्टेडियम में 13 ओवर से भी कम समय में 128 रन की सलामी साझेदारी के बावजूद टाइटन्स की टीम सिर्फ 205 रन ही बना पाई थी और फिर एक ओवर से अधिक शेष रहते मैच हार गई थी।
सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन 57 गेंद में शतक बनाने के लिए सवालों के घेरे में आ गए थे। आज के दौर में इसे धीमा माना जाता है, विशेषकर जब हम वैभव सूर्यवंशी, प्रियांश आर्य और अभिषेक शर्मा जैसे अन्य सलामी बल्लेबाजों का स्ट्राइक रेट देखते हैं।
मैच की पूर्व संध्या पर भारत के पूर्व विकेटकीपर पार्थिव ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि हमें कोई खास रणनीतिक बदलाव करने की जरूरत है। मुझे लगता है कि हम जिस तरह से खेल रहे हैं और जिस तरह से मैच में उतर रहे हैं उससे हम काफी सहज हैं। जाहिर है क्रिकेट को किसी दूसरे ही अंदाज में खेलने को लेकर काफी चर्चा हो रही है। लेकिन मुझे लगता है कि हम उसी तरह से खेल रहे हैं जिस तरह से हम खेलना चाहते हैं।’’
उनसे मध्य क्रम के बल्लेबाजों में पावर हिटिंग की कमी के बारे में भी पूछा गया लेकिन पार्थिव ने उनका बचाव किया।
उन्होंने कहा, ‘‘आप सभी देख सकते हैं कि हमारा शीर्ष क्रम अधिकतर गेंदे खेल रहा है, लगभग 15वें या 16वें ओवर तक। और जहां तक तैयारी की बात है मैं आपको यकीनन बता सकता हूं कि हम यह सुनिश्चित करते हैं कि वे अच्छी तरह से तैयार हों। हमारे पास यहां ऐसी सुविधाएं हैं जहां हम ओपन नेट सत्र कर सकते हैं। जैसा कि हमने कल अपने निचले मध्य क्रम या मध्य क्रम के साथ एक सत्र किया था।’’
पार्थिव ने कहा, ‘‘तो हम उन्हें जितना हो सके उतना मौका देने की कोशिश करते हैं। जैसा कि मैंने कहा हम एक ऐसी टीम हैं जो अपने पास मौजूद हर बल्लेबाज पर भरोसा करती है, चाहे कोई भी खेल रहा हो। और हमें उन पर पूरा भरोसा है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि वे अहम मैचों के लिए तैयार रहें और अगर वैसी स्थिति आती है तो वे अच्छा प्रदर्शन कर सकें।’’
भाषा सुधीर नमिता
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