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Wednesday, 21 January, 2026
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कुश्ती महासंघ प्रमुख के खिलाफ दो प्राथमिकी, प्रदर्शनकारी पहलवानों के लिये बढ रहा समर्थन

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नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) प्रदर्शनकारी पहलवानों के लिये लगातार बढ रहे समर्थन के बीच दिल्ली पुलिस ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ सात महिला पहलवानों द्वारा लगाये गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के सिलसिले में शुक्रवार को दो प्राथमिकी दर्ज की ।

दिल्ली पुलिस की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा की उच्चतम न्यायालय की पीठ को बताया कि प्राथमिकी शुक्रवार को दर्ज की जाएगी।

पहली प्राथमिकी एक अवयस्क पहलवान के आरोपों पर पोस्को कानून के तहत दर्ज की गई जबकि दूसरी मर्यादा को ठेस पहुंचाने के संबंध में है ।

मेहता की दलील के बाद यहां के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने ‘जीत की ओर पहला कदम’ करार दिया। उन्होंने हालांकि कहा कि वे भारतीय जनता पार्टी के इस सांसद को उनके सभी पदों से हटाये जाने तक अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।

डब्ल्यूएफआई प्रमुख पर यौन उत्पीड़न और डराने-धमकाने का आरोप लगाने वाले पहलवान 23 अप्रैल को अपना आंदोलन दोबारा से शुरू करने के बाद से उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।

फिल्म और खेल जगत और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रदर्शनकारी पहलवानों का समर्थन किया और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने तुरंत कार्रवाई की मांग की ।

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता ने कहा कि दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाये । खिलाड़ियों में चोपड़ा के अलावा मुक्केबाज निकहत जरीन, टेनिस स्टार सानिया मिर्जा, हॉकी स्टार रानी रामपाल, क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह, इरफान पठान और मदन लाल ने भी पहलवानों का समर्थन किया ।

अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने ट्वीट किया ,‘‘ शर्मनाक है कि हमारे शीर्ष अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को यौन उत्पीड़न के मामले में सड़कों पर प्रदर्शन करना पड़ रहा है लेकिन दोषी भाजपा सांसद को सरकार लगातार बचा रही है ।’’

उच्चतम न्यायालय की पीठ बृजभूषण के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं किये जाने पर सात महिला पहलवानों की याचिका पर सुनवाई कर रही है ।

पहलवानों की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने एक सीलबंद कवर में हलफनामा दर्ज किया जिसमें यौन उत्पीड़न की कथित आरोपी नाबालिग लड़की की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है । पीठ ने इस संबंध में दिल्ली पुलिस आयुक्त को नाबालिग लड़की को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिये हैं ।

किसी का नाम लिये बिना सिब्बल ने कहा कि ‘इस व्यक्ति’ के खिलाफ 14 मामले लंबित है जिनमें से एक धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत है ।

इस बीच साक्षी मलिक ने जंतर-मंतर पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह जीत की ओर पहला कदम है, लेकिन हमारा विरोध जारी रहेगा।’’

पहलवानों ने जंतर-मंतर पर बृजभूषण के खिलाफ चल रही सभी आपराधिक कार्यवाही को सूचीबद्ध करने वाला एक बड़ा बैनर लगाया है।

पहलवान विनेश फोगाट ने कहा कि दिल्ली पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने में छह दिन लग गए और उन्हें जांच एजेंसी पर भरोसा नहीं है।

विश्व चैम्पियनशिप पदक विजेता विनेश ने कहा, ‘‘वह (पुलिस) एक कमजोर प्राथमिकी दर्ज कर सकती है। हम देखेंगे, निरीक्षण करेंगे और फिर निर्णय लेंगे (विरोध प्रदर्शन खत्म करने पर)। उसे (बृजभूषण को) सलाखों के पीछे होना चाहिए और उसे सभी मौजूदा पदों से हटा दिया जाना चाहिए, अन्यथा वह जांच प्रभावित करने की कोशिश करेगा।’’

विपक्षी दलों ने इस बीच भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी टी उषा को आड़े हाथों लेते लिया जिन्होंने प्रदर्शनकारियों की आलोचना की थी ।

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि खिलाड़ियों की अनदेखी करने और उनकी बात नहीं सुनने से देश की छवि खराब हुई है ।

भाषा

मोना

मोना

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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