पुणे, 11 जनवरी (भाषा) पांच दिनों तक चलने वाली पुणे की पहली ग्रैंड टूर साइकिल रेस (पुणे ग्रैंड टूर ) 19 जनवरी से शुरू होगी।
यह 437 किलोमीटर लंबी बहु-चरणीय साइकिल रेस न केवल सहनशक्ति के खेल को दर्शाएगी, बल्कि इतिहास से भी सजी होगी।
पुणे जिला प्रशासन द्वारा महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से आयोजित इस आयोजन में फ्रांस, ग्रेट ब्रिटेन, बेल्जियम, जर्मनी, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, चीन और थाईलैंड सहित 35 देशों के 171 शीर्ष स्तर के साइकिलिस्ट भाग लेंगे।
आयोजकों ने रविवार को बताया कि इस प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों को दक्कन के पठार में फैले विविध भू-भाग से गुजरने का मौका मिलेगा और कमेंट्री में छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत और क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को उजागर किया जाएगा।
पुणे के जिलाधिकारी जितेंद्र दुडी ने पीटीआई से कहा, ‘‘“यह सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं है, बल्कि पुणे को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का एक अनूठा अवसर है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता, सह्याद्री की मनमोहक पहाड़ियां, गौरवशाली इतिहास, प्रतिष्ठित धरोहर स्थल एवं किले तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने लाने का यह बेहतरीन मौका है। इससे पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।’’
उन्होंने बताया कि 437 किलोमीटर के रेस मार्ग पुणे के विविध भू-भाग से होकर गुजरते हैं और मार्ग में आने वाले गांवों, धरोहर स्थलों, झीलों और प्रसिद्ध किलों के महत्व पर आधारित शोध पूर्ण साहित्य तैयार किया गया है। यह सामग्री‘ इंडोलॉजिस्ट्स’ की एक टीम की मदद से संकलित की गई है।
भारतीय साइकिलिंग महासंघ के महासचिव मनिंदर पाल सिंह ने कहा कि यह रेस सावधानीपूर्वक तैयार किए गए चरणों के माध्यम से पुणे के विविध भू-भाग से होकर गुजरेगी और प्रतियोगियों के लिए कड़ी चुनौती के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता का भव्य प्रदर्शन भी पेश करेगी।
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