रोसीयू (डोमिनिका), 11 जुलाई ( भाषा ) भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ बुधवार से शुरू हो रही दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के जरिये बदलाव के दौर की शुरूआत करेगी तो फोकस युवा यशस्वी जायसवाल पर रहेगा ।
मेजबान वेस्टइंडीज के लिये विश्व कप क्वालीफायर में मिली हार के जख्म अभी ताजा हैं और वह भारत जैसी मजबूत टीम को हराकर विश्व क्रिकेट में अपना अस्तित्व बनाये रखने की कोशिश में होगा ।
चेतेश्वर पुजारा को बाहर किये जाने के बाद भारतीय शीर्षक्रम में एक जगह खाली हुई है । उम्मीद की जा रही है कि मुंबई का बेहद प्रतिभाशाली बल्लेबाज जायसवाल उस कमी को पूरा करेगा और प्रथम श्रेणी क्रिकेट के शानदार फॉर्म को यहां जारी रख पायेगा ।
वैसे सीधा हल तो उसे तीसरे नंबर पर उतारना होगा लेकिन शुभमन गिल स्वाभाविक तौर पर मध्यक्रम का बल्लेबाज है। जायसवाल मुंबई , पश्चिम क्षेत्र और शेष भारत के लिये पारी की शुरूआत करता आया है । शीर्षक्रम पर उतरना उसके लिये मुश्किल नहीं होगा ।
इस साल के आखिर में दक्षिण अफ्रीका के दौरे से पहले उसके लिये अनुभवी केमार रोच, शेनोन गैब्रियल, अलजारी जोसफ और जैसन होल्डर जैसे गेंदबाजों को खेलना अच्छा अनुभव होगा ।
भारत का नया विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप चक्र पिछले दो चक्रों की तुलना में कठिन होगा । पिछले दो सत्र में भारतीय टीम बेहतरीन तेज गेंदबाजी और सधे हुए बल्लेबाजी क्रम के दम पर फाइनल में पहुंची थी ।
अब प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह लंबे समय से चोटिल हैं जबकि मोहम्मद शमी को इस श्रृंखला के लिये आराम दिया गया है । भारतीय टीम के आक्रमण में धार की कमी दिख रही है । ईशांत शर्मा पिछले दो चक्र खेले हैं लेकिन इस बार कमेंट्री करेंगे जबकि 36 वर्ष के उमेश यादव का हैमस्ट्रिंग चोट के बाद वापसी कर पाना मुश्किल है ।
ऐसे में 19 वर्ष के मोहम्मद सिराज तेज आक्रमण की अगुवाई करेंगे जिनका साथ देने के लिये नौ टेस्ट का अनुभव रखने वाले शार्दुल ठाकुर होंगे । ऐसे में एक बार फिर दारोमदार रविचंद्रन अश्विन (474 विकेट ) और रविंद्र जडेजा ( 268) की स्पिन जोड़ी पर रहेगा ।
इन चारों का चयन तो तय है लेकिन मुकेश कुमार, जयदेव उनादकट और नवदीप सैनी में से एक को चुनना आसान नहीं होगा ।
विकेटकीपर के तौर पर कोना भरत पर ईशान किशन को तरजीह दिये जाने की उम्मीद है जिन्होंने अपनी बल्लेबाजी से भी खुद को साबित किया है ।
विंडसर पार्क पर छह साल बाद टेस्ट मैच होने जा रहा है और इसी प्रारूप में पिछले कुछ साल में कैरेबियाई टीम अच्छा खेल पाई है । ऐसे में यह सोचना मूर्खता होगी कि विश्व कप क्वालीफायर का असर टेस्ट में उनके प्रदर्शन पर पड़ेगा ।
उनके पास रोच (261 विकेट ) और गैब्रियल (164 विकेट ) जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज हैं । गैब्रियल सफेद गेंद का क्रिकेट नहीं खेलते हैं ।
ऐसे में कप्तान रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे और विराट कोहली के लिये कैरेबियाई पिचों पर अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन चुनौतीपूर्ण रहेगा । तीनों की अपनी तरह की चुनौतियां होगी ।
रोहित के लिये 50 ओवरों के विश्व कप में बहुत कुछ दाव पर होगा । उन्हें दो मैचों की श्रृंखला पहले जीतनी होगी और विश्व कप के बाद टेस्ट कैरियर बचाये रखने के लिये बल्ले से भी योगदान देना होगा ।
विराट को कुछ बड़ी पारियां खेलनी होगी । आफ स्टम्प से बाहर जाती गेंदों पर उनकी कमजोरी कैरेबियाई गेंदबाज भांप सकते हैं । ऐसे में खराब प्रदर्शन टीम में उनके स्थान पर भी प्रश्नचिन्ह लगा सकता है ।
कोहली और पुजारा दोनों ने पिछले तीन साल में 30 से कम की औसत से टेस्ट रन बनाये लेकिन पुजारा को बाहर का रास्ता देखना पड़ा ।
रहाणे टीम में वापसी कर रहे हैं और उन्हें उपकप्तान भी बनाया गया है । नाकाम रहने की दशा में सबसे पहले बाहर होने वालों में वही होंगे चूंकि रूतुराज गायकवाड़ का दावा भी मजबूत हैं । श्रेयस अय्यर और केएल राहुल भी वापसी करेंगे ।
टीमें :
भारत : रोहित शर्मा ( कप्तान ), शुभमन गिल, रूतुराज गायकवाड़, विराट कोहली, यशस्वी जायसवाल, अजिंक्य रहाणे, केएस भरत, ईशान किशन, रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा, शार्दुल ठाकुर, अक्षर पटेल, मोहम्मद सिराज, मुकेश कुमार, जयदेव उनादकट, नवदीप सैनी ।
वेस्टइंडीज : क्रेग ब्रेथवेट ( कप्तान) , जर्मेन ब्लॉकवुड, जोशुआ डासिल्वा, एलिक अथानाजे, रहकीम कॉर्नवेल, शेनोन गैब्रियल, जैसन होल्डर, अलजारी जोसेफ, रेमन रीफर, केमार रोच, टी चंद्रपॉल, किर्क मैकेंजी, जोमेल वारिकन ।
मैच का समय : शाम 7 . 30 से ।
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मोना
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