नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) निलंबित किए गए महासचिव कमलेश मेहता ने सोमवार को कहा कि भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (टीटीएफआई) की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के दौरान पद से हटाए जाने के बाद वह आखिरी उपाय के तौर पर अदालत की शरण में जाएंगे। उन्होंने स्वयं को हटाए जाने को गलत और प्रक्रिया के हिसाब से दोषपूर्ण बताया।
मेहता को 28 जनवरी को महासंघ की एजीएम के दौरान टीटीएफआई के महासचिव के पद से निलंबित कर दिया गया था।
पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मेहता ने एक बयान में कहा, ‘‘यह बहुत दुख की बात है कि किसी को सिर्फ अपना काम सही तरीके से करने के लिए सजा दी जाए, विशेषकर ऐसे खेल में जिसके लिए मैंने अपनी पूरी जिंदगी समर्पित कर दी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (टीटीएफआई) के महासचिव के पद से निलंबित किए जाने के बाद आखिरी उपाय के तौर पर माननीय अदालत की शरण में जाने का इरादा रखता हूं क्योंकि जिस तरह से टीटीएफआई अध्यक्ष ने यह कार्रवाई की उससे कोई प्रभावी आंतरिक उपाय नहीं बचा और निष्पक्षता, प्रक्रिया तथा प्रशासन के बारे में गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं।’’
मेहता ने कहा, ‘‘न्यायिक हस्तक्षेप मांगने का मेरा इरादा किसी व्यक्तिगत शिकायत से प्रेरित नहीं है बल्कि टीटीएफआई के भीतर निष्पक्षता, जवाबदेही और संवैधानिक कामकाज को बहाल करने की जरूरत से है जिसमें अध्यक्ष की कार्रवाई से समझौता हुआ है।’’
शनिवार को टीटीएफआई ने कहा कि मेहता को निलंबित करने का फैसला गंभीर प्रक्रियागत उल्लंघनों, प्रशासन की विफलताओं और वित्तीय अनियमितताओं की ‘विस्तृत और रिकॉर्ड आधारित समीक्षा’ के बाद लिया गया था और यह आंतरिक राजनीति से जुड़ा नहीं था।
भाषा सुधीर आनन्द
आनन्द
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
