हांगझोउ, छह अक्टूबर (भाषा) युवा भारतीय पहलवान सोनम मलिक ने शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों में महिलाओं की 62 किग्रा स्पर्धा में चीन की जिया लोंग की कड़ी चुनौती को पछाड़कर कांस्य पदक हासिल किया।
मुकाबले के दौरान लोंग भारतीय पहलवान पर दबदबा बनाने में सफल रही थी। दोनों पहलवानों एक समय 4-4 की बराबरी पर थे। सोनम ने आखिरी 25 सेकंड में लोंग को ‘टेक-डाउन’ कर 7-5 की शानदार जीत दर्ज की।
मौजूदा एशियाई खेलों में कुश्ती में यह भारत का तीसरा कांस्य पदक है। इससे पहले सुनील कुमार (ग्रीको रोमन) और अंतिम पंघाल (महिला 53 किग्रा) ने कांस्य पदक हासिल किया है।
किरण (महिला 76 किग्रा) अमन सेहरावत (पुरूष 57 किग्रा) और बजरंग पूनिया (पुरुष 65 किग्रा) कांस्य पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे।
एक साल के बाद प्रतिस्पर्धी कुश्ती में वापसी कर रहे बजरंग को पुरुष फ्रीस्टाइल 65 किग्रा स्पर्धा के सेमीफाइनल में ईरान के रहमान अमोजादखलीली के खिलाफ 1-8 से शिकस्त झेलनी पड़ी।
इस साल अधिकांश समय भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के निवर्तमान प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ धरना प्रदर्शन में बिताने वाले बजरंग पूरी तरह से तैयार नहीं दिखे। उन्होंने दो आसान जीत के साथ शुरुआत की लेकिन ईरान के खिलाड़ी का उनके पास कोई जवाब नहीं था।
एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में हिस्सा नहीं लेने के लिए बजरंग की काफी आलोचना हुई थी। विशाल कालीरमन ने ट्रायल जीता था लेकिन इस वर्ग में उन्हें स्टैंडबाई रखा गया था।
इससे पहले सोनम और किरन भी महिला वर्ग में अपने सेमीफाइनल मुकाबले हारकर स्वर्ण पदक की दौड़ से बाहर हो गईं। पांच में से चार भारतीय पहलवानों को शुक्रवार को अंतिम चार मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।
सोनम और किरन ने शुरुआती मुकाबलों में आसान जीत दर्ज की लेकिन सेमीफाइनल में बेहतर प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ उनकी खामियां उजागर हो गईं।
बजरंग को पहले दौर में फिलिपीन्स के रोनिल ट्युबोग के रूप में आसान प्रतिद्वंद्वी मिला और भारतीय पहलवान ने तकनीकी दक्षता से जीत दर्ज की।
बहरीन के अलीबेग अलबेगोव से बजरंग को अच्छी टक्कर मिलने की उम्मीद थी लेकिन भारतीय पहलवान ने अच्छे रक्षात्मक खेल की बदौलत 4-0 से जीत दर्ज करके सेमीफाइनल में जगह बनाई।
सेमीफाइनल में बजरंग को हालांकि 2022 के विश्व चैंपियन और गत एशियाई चैंपियन रहमान के खिलाफ 1-8 से शिकस्त झेलनी पड़ी। ईरान के पहलवान ने चार अंक के दांव के साथ शुरुआत की। उन्होंने बजरंग का दायां पर पकड़ा और अंक जुटाए।
ईरान के खिलाड़ी ने इसके बाद मजबूत डिफेंस से पहले चरण के अंत तक बढ़त बनाए रखी।
दूसरे चरण की शुरुआत में ही रहमान ने एक बार फिर चार अंक के साथ अपनी बढ़त 8-0 तक पहुंचा दी। बजरंग ने ईरान के पहलवान के दोनों पैरों को पकड़ने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली।
बजरंग को एक अंक मिला लेकिन ईरान के पहलवान ने आसान जीत दर्ज की।
पुरुष 57 किग्रा वर्ग में अमन ने कोरिया के किम सुंगवोन के खिलाफ 6-1 की आसान जीत के साथ क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
क्वार्टर फाइनल में ईरान के इब्राहित मेहदी खारी के खिलाफ अमन एक समय 1-8 से पिछड़ रहे थे लेकिन जोरदार वापसी करते हुए तकनीकी दक्षता के आधार पर जीत दर्ज करने में सफल रहे।
अमन ने लगातार 18 अंक जुटाए जो उनकी मजबूती और तकनीकी कौशल को दिखाता है।
सेमीफाइनल में जापान के तोशिहिरो हासेगावा ने 6-1 की बढ़त बनाई। अमन ने इसके बाद लगातार चार अंक जुटाए और ऐसा लग रहा था कि वह एक बार फिर वापसी करते हुए जीत दर्ज करेंगे लेकिन अंतत: जापान के खिलाड़ी ने 12-10 से मुकाबला अपने नाम किया।
सोनम को शुरुआती दो दौर में अधिक पसीना नहीं बहाना पड़ा। उन्होंने नेपाल की सुशीला चंद और कंबोडिया की नोएर्न सोएर्न के खिलाफ एक मिनट से भी कम समय में तकनीकी दक्षता से जीत दर्ज की।
सेमीफाइनल में हालांकि उत्तर कोरिया की ह्योंगयोंग मुन ने सोनम को चित्त किया और भारतीय खिलाड़ी एक भी अंक नहीं जुटा सकी।
किरन को पहले दौर में बाई मिली और फिर उन्होंने जापान की नोडोका यामोमोटो को 3-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई जहां कजाखस्तान की जामिला बाकबेरजिनोवा ने उन्हें चित्त किया।
शुक्रवार को राधिका (68 किग्रा) एकमात्र भारतीय पहलवान रहीं जो पदक दौर में जगह नहीं बना सकी।
भाषा आनन्द मोना
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