कराची, 22 फरवरी (भाषा) पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में पिछले महीने 185 करोड़ रुपये में खरीदी गई नयी फ्रेंचाइजी ‘सियालकोट स्टैलियंज’ शेयरों की बिक्री को लेकर विवाद और कुछ मालिकों की वित्तीय पृष्ठभूमि पर उठे सवालों के बाद एक बार फिर बिक गई है।
पीएसएल के 11वें सत्र के शुरू होने से पहले ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को इस मामले में असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। पिछले महीने हुई नीलामी में ‘ओजेड’ समूह ने सियालकोट फ्रेंचाइजी के अधिकार हासिल किए थे लेकिन इसके तुरंत बाद नये मालिकों की वित्तीय स्थिति को लेकर सवाल खड़े होने लगे।
स्थिति तब और जटिल हो गई जब कुछ साझेदारों ने 98 प्रतिशत हिस्सेदारी ऑस्ट्रेलिया की एक कंपनी को बेच दी। अमेरिका स्थित व्यवसायी और प्रमुख मालिकों में शामिल मोहम्मद शाहिद ने हालांकि कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी, जिसके बाद ऑस्ट्रेलियाई समूह ने यह सौदा रद्द कर दिया।
सियालकोट फ्रेंचाइजी की 98 प्रतिशत हिस्सेदारी अब ‘सीडी वेंचर्स’ ने खरीद ली है। यह वही कंपनी है जिसने पहले मुल्तान सुल्तान की फ्रेंचाइजी के लिए नीलामी में भाग लिया था और 235 करोड़ रुपये की अंतिम बोली लगाई थी।
‘वली टेक्नोलॉजी’ ने 245 करोड़ रुपये में मुल्तान फ्रेंचाइजी खरीदी थी और उसका नाम बदलकर रावलपिंडी कर दिया था।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों और विश्लेषकों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई है। कई लोगों ने इसे 10 साल पूरे कर चुकी पीएसएल के लिए खराब प्रचार (पीआर) बताया।
यह भी सवाल उठे कि पीसीबी ने नीलामी प्रक्रिया के दौरान बोलीदाताओं की जांच-पड़ताल के दौरान पर्याप्त सतर्कता क्यों नहीं बरती।
पीएसएल-11 का आगाज 26 मार्च से होना है।
दिलचस्प बात यह है कि ‘वली टेक्नोलॉज’ समूह ने आगामी सत्र के लिए स्ट्रीमिंग अधिकार भी खरीद लिए हैं और मीडिया/प्रसारण अधिकारों के लिए सबसे ऊंची बोली लगाई है।
भाषा आनन्द सुधीर
सुधीर
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
