नयी दिल्ली, 20 जनवरी (भाषा) भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह पर चोटी के पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए शुक्रवार को सात सदस्यीय समिति गठित की जिसमें एमसी मैरीकॉम और योगेश्वर दत्त जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं।
दिग्गज मुक्केबाज मैरीकॉम और पहलवान योगेश्वर के अलावा इस पैनल में तीरंदाज डोला बनर्जी और भारतीय भारोत्तोलन महासंघ के अध्यक्ष सहदेव यादव भी शामिल हैं।
समिति में दो वकील तालिश रे और श्लोक चंद्रा और पूर्व शटलर अलकनंदा अशोक भी शामिल हैं।
यह फैसला आईओए की कार्यकारी परिषद की आपात बैठक में लिया गया। इस बैठक में आईओए अध्यक्ष पीटी उषा और संयुक्त सचिव कल्याण चौबे के अलावा अभिनव बिंद्रा और योगेश्वर जैसे खिलाड़ियों ने भी भाग लिया। शिवा केशवन विशेष आमंत्रित के रूप में बैठक में शामिल हुए।
आईओए अध्यक्ष ऊषा ने आश्वासन दिया है कि न्याय सुनिश्चित करने के लिये पैनल द्वारा गहन जांच की जायेगी।
इससे पहले विरोध कर रहे पहलवानों ने आईओए से बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए जांच समिति के गठन की मांग की। इससे एक दिन पहले पहलवानों ने इस खेल प्रशासक के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दी थी।
आईओए अध्यक्ष उषा को लिखे पत्र में पहलवानों ने डब्ल्यूएफआई की ओर से (कोष में) वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाने के अलावा दावा किया कि राष्ट्रीय शिविर में कोच और खेल विज्ञान स्टाफ ‘बिल्कुल अक्षम’ हैं।
ताजा घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए ऊषा ने ट्वीट किया , ‘‘आईओए अध्यक्ष के तौर पर मैं पहलवानों के मामले पर सदस्यों के साथ चर्चा कर रही हूं और आईओए के लिये खिलाड़ियों का कल्याण सर्वोपरि है। हम खिलाड़ियों से अनुरोध करते हैं कि वे आगे आकर हमसे अपनी चिंतायें बतायें। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम न्याय सुनिश्चित करने के लिये पूरी जांच सुनिश्चित करेंगे। हमने भविष्य में पैदा होने वाली इस तरह की परिस्थितियों से निपटने के लये एक विशेष समिति गठित करने का भी फैसला किया है ताकि तेजी से कार्रवाई हो सके। ’’
पैनल अपनी जांच के अंतर्गत संबंधित पक्षों को बुलायेगा।
सहदेव यादव ने पीटीआई से कहा, ‘‘हम पहलवानों को बुलायेंगे और उनकी बात सुनेंगे और उचित जांच करेंगे। ’’
पहलवानों ने अपनी चार मांग रखी हैं जिसमें उन्होंने लिखा, ‘‘हम आईओए से तुरंत यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जांच के लिये एक समिति गठित करने की मांग करते हैं। ’’
पहलवानों ने डब्ल्यूएफआई को भंग करने और इसके अध्यक्ष को बर्खास्त करने की मांग को भी दोहराया।
उन्होंने अपनी चौथी और अंतिम मांग में लिखा, ‘‘डब्ल्यूएफआई का कामकाज देखने के लिये पहलवानों की सलाह से एक नयी समिति गठित की जानी चाहिए। ’’
इस पत्र में पांच पहलवानों के हस्ताक्षर हैं जिसमें तोक्यो ओलंपिक पदक विजेता दहिया और बजरंग, रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी और विश्व चैम्पियनशिप के पदक विजेता विनेश और दीपक पूनिया शामिल हैं।
पत्र में पहलवानों ने गुहार लगायी, ‘‘हम पहलवानों के लिये एक साथ आना और डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के खिलाफ विरोध करना बहुत ही साहस की बात है। हमें अपनी जान का डर है। अगर उन्हें बर्खास्त नहीं किया गया तो हमारे साथ धरने पर बैठे सभी युवा पहलवानों का करियर खत्म हो जायेगा। ’’
पत्र का अंत यह लिखकर किया गया कि ‘‘जब तक डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष को बर्खास्त नहीं किया जाता, हम पीछे नहीं हटेंगे। ’’
बीजिंग ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज और कांग्रेस नेता विजेंदर सिंह भी पहलवानों के प्रति एकजुटता दिखाने जंतर मंतर पर धरने पर पहुंचे।
भाषा नमिता पंत
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