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Friday, 24 April, 2026
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नाडा की खुफिया एवं जांच इकाई की सूचना पर नजफगढ़ में प्रतिबंधित दवाओं की बरामदगी

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नयी दिल्ली, 24 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) की खुफिया एवं जांच (आईएंडआई) इकाई को मिली सूचना के आधार पर नजफगढ़ में स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त अभियान के दौरान मेथेनोलोन और स्टैनोजोलोल जैसे एनाबोलिक स्टेरॉयड सहित कई प्रतिबंधित पदार्थ जब्त किए गए।

यह संयुक्त अभियान केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (सीएफएसओ) के नेतृत्व में चलाया गया, जिसमें भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के अधिकारी भी शामिल थे। नाडा से मिली विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर शुक्रवार को कार्रवाई की गई।

छापेमारी में लगभग 2,800 कैप्सूल/टैबलेट और 11 इंजेक्शन यूनिट जब्त किए गए जिनमें मेथेनोलोन एनैंथेट, ट्रेंबोलोन और स्टैनोजोलोल जैसे एनाबोलिक स्टेरॉयड शामिल हैं।

गौरव वत्स द्वारा संचालित ‘गौरव वत्स न्यूट्रिशन’ परिसर से 300 मेथानडायनोन और 850 ऑक्सेंड्रोलोन टैबलेट के साथ 1,500 सेलेक्टिव एंड्रोजन रिसेप्टर मॉड्यूलेटर (एसएआरएम्स) कैप्सूल भी बरामद किए गए।

ये सभी पदार्थ विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) द्वारा प्रतिबंधित हैं, क्योंकि इनका उपयोग मांसपेशियों की वृद्धि कर अनुचित प्रदर्शन लाभ हासिल करने के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा, सहनशक्ति बढ़ाने वाले प्रतिबंधित हार्मोन और मेटाबॉलिक मॉड्यूलेटर एडेनोसिन मोनोफॉस्फेट के इंजेक्शन भी जब्त किए गए।

हाल ही में खुफिया और सूचना संग्रहण अभियानों पर आयोजित सम्मेलन के लिए भारत आए वाडा के अध्यक्ष वितोल्ड बांका ने कहा था कि भारत प्रतिबंधित प्रदर्शन बढ़ाने वाली दवाओं (पीईडी) का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक है।

पुलिस के अनुसार, “राज्य औषधि नियंत्रण विभाग ने जब्त दवाओं को अपने कब्जे में लेकर औपचारिक कानूनी कार्रवाई के लिए नमूने एकत्र किए हैं।”

नाडा के एक सूत्र ने बताया कि उन्हें एक “विश्वसनीय स्रोत” से इन प्रतिबंधित पदार्थों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी, जिसके बाद लक्षित जांच शुरू की गई।

सूत्र ने कहा, “नाडा द्वारा जब्त पदार्थों को जांच के लिए राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) भेजा गया, जहां परीक्षण में पुष्टि हुई कि ये वाडा-प्रतिबंधित हैं। साथ ही इनमें अन्य प्रतिबंधित पदार्थों की मिलावट भी पाई गई, जो गुणवत्ता, सुरक्षा और जानबूझकर मिलावट को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है।”

इसके बाद संबंधित नियामक निकायों को ‘आवश्यक हस्तक्षेप और मौजूदा कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई के लिए सतर्क किया गया’।

सूत्र ने कहा, “खुफिया-आधारित जांच और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय डोपिंग और अवैध आपूर्ति नेटवर्क की पहचान और उसे ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभा रहा है।”

भारत यात्रा के दौरान बांका ने डोपिंग की समस्या से निपटने के प्रयासों को ‘ईमानदार’ बताया, हालांकि 2036 ओलंपिक की मेजबानी की महत्वाकांक्षा के बीच देश का खराब रिकॉर्ड चिंता का विषय बना हुआ है।

भारत पिछले तीन वर्षों से वाडा की डोप उल्लंघनकर्ताओं की वार्षिक सूची में शीर्ष पर रहा है और हाल ही में एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट (एआईयू) ने उसे ‘कैटेगरी ए’ में रखा है, जिसका अर्थ है कि देश में डोपिंग के “बेहद उच्च” जोखिम के कारण भारतीय खिलाड़ियों को अब अधिक कड़े एंटी-डोपिंग नियमों का पालन करना होगा।

वाडा अध्यक्ष ने परीक्षण बढ़ाने के साथ-साथ प्रतिबंधित पदार्थों के आपूर्तिकर्ताओं पर सख्ती की जरूरत पर जोर दिया। वाडा ने आपूर्ति श्रृंखला पर कार्रवाई के लिए इंटरपोल के साथ समझौता किया है और ‘ऑपरेशन अपस्ट्रीम’ शुरू किया है, जिसका उद्देश्य संगठित अपराध नेटवर्क द्वारा संचालित अवैध बाजार को तोड़ना है।

यह अभियान अब तक भारत सहित 20 से अधिक देशों में चलाया जा चुका है, जहां केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) खुफिया जानकारी जुटाने में सक्रिय भागीदार है। वाडा के अनुसार अब तक 88 अवैध प्रयोगशालाओं को ध्वस्त किया गया है और 90 टन पीईडी जब्त किए गए हैं, जिससे लगभग 1.8 अरब खुराक बाजार में पहुंचने से रोकी जा सकी हैं।

अवैध पीईडी के अलावा, एफएसएसएआई अधिकारियों ने नजफगढ़ स्थित परिसर में बिना वैध ‘फूड लाइसेंस’ के बेचे जा रहे ‘हेल्थ सप्लीमेंट्स’ में गंभीर अनियमितताएं भी पाईं।

सूत्र ने बताया, “छापेमारी में 45 किलोग्राम एक्सपायर गेनर और व्हे प्रोटीन बरामद किए गए, जबकि 85 किलोग्राम प्रोटीन और क्रिएटिन को आगे की सुरक्षा जांच के लिए जब्त किया गया है।”

उन्होंने कहा, “एफएसएसएआई ने खाद्य सुरक्षा मानकों, भंडारण और एक्सपायर उत्पादों की बिक्री से जुड़े उल्लंघनों पर अलग से कार्रवाई शुरू कर दी है।”

भाषा आनन्द नमिता

नमिता

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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