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Saturday, 14 March, 2026
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प्रीति पाल का विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्राप्री के फर्राटा दौड़ में दबदबा

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नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) पेरिस पैरालिंपिक में दो बार पदक जीतने वाली प्रीति पाल ने शुक्रवार को यहां विश्व पैरा एथलेटिक ग्रां प्री में महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में शानदार जीत हासिल की जिसने भारत के शानदार अभियान को और भी यादगार बना दिया।

भारत ने 208 पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। इसमें 75 स्वर्ण, 69 रजत और 64 कांस्य शामिल हैं।

प्रीति प्रतियोगिता के आखिरी दिन की स्टार रहीं। बृहस्पतिवार को 100 मीटर में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उन्होंने 200 मीटर (टी35-टी37) में भी 30.26 सेकंड के शानदार समय के साथ जीत दर्ज की।

मेरठ की 25 वर्षीय खिलाड़ी ने दूसरे स्थान पर रहीं रूस की करीना माचुलस्काया (32.22 सेकंड) को बड़े अंतर से पछाड़ा। भारत की बीना शंभूभा ने 32.35 सेकंड में कांस्य पदक जीतकर तीसरा स्थान हासिल किया।

रूस ने 35 पदकों (15 स्वर्ण, 14 रजत, 6 कांस्य) के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि आठ देशों के बीच बोस्निया एवं हर्जेगोविना ने तीन पदकों (1 स्वर्ण, 2 रजत) के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।

पुरुषों के गोला फेंक एफ57 वर्ग में भी भारत का दबदबा रहा और उसने तीनों पदक अपने नाम किए। शुभम जुयाल ने 14.45 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि भगत सिंह ने 13.29 मीटर के साथ रजत पदक और प्रियंस कुमार ने 13.07 मीटर के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

पुरुषों की 200 मीटर टी35 स्पर्धा में विनय ने 28.18 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। वहीं अनुभव चौधरी ने 29.49 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया, जबकि हांगकांग के चुई यिउ बाओ ने कांस्य पदक जीता।

पुरुषों की 200 मीटर टी37-टी44 स्पर्धा में भी तीनों पदक भारत के नाम रहे। राकेशभाई भट्ट ने 25.20 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, सिद्धार्थ मंजू बेल्लारी ने 28.23 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया और रविकिरण असरेल्ली ने 31.50 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता।

पुरुषों की 800 मीटर टी53-टी54 स्पर्धा में भी भारतीय धावकों ने दबदबा कायम किया। मनोजकुमार सबापति ने 1:57.41 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, वहीं मणिकंदन ज्योति ने 2:11.14 के समय के साथ रजत पदक और कमलाकांत नायक ने 2:20.83 के समय के साथ कांस्य पदक जीता।

पिछले साल यहां आयोजित विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में महिलाओं की 100 मीटर (टी12) में स्वर्ण और 200 मीटर में रजत पदक जीतने वाली भारतीय दृष्टिबाधित पैरा-स्प्रिंटर सिमरन शर्मा को उम्मीद है कि उनके गाइड रनर उमर सैफी के प्रतिबंधित पदार्थ के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद भी उन्हें अपने पदक नहीं गंवाने पड़ेंगे।

राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (एनएडीए) द्वारा नौ अक्टूबर, 2025 को जारी सूची के अनुसार सैफी का डोपिंग परीक्षण प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड ड्रोस्टानोलोन के लिए पॉजिटिव आया था। सात सितंबर, 2025 को दिल्ली स्टेट ओपन के दौरान किए गए इस परीक्षण के बाद उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था।

अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति (आईपीसी) के नियमों के तहत टी12 (दृष्टिबाधित) स्पर्धाओं में गाइड रनर को ‘एथलीट सहायक कर्मी’ के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, जिसका अर्थ है कि गाइड द्वारा डोपिंग उल्लंघन से एथलीट के परिणाम रद्द हो सकते हैं।

चोट के कारण मौजूदा विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रांप्री में हिस्सा नहीं ले पा रहीं सिमरन ने कहा कि ऐसे उदाहरण पहले भी सामने आए हैं, जहां गाइड के पॉजिटिव पाए जाने के बावजूद खिलाड़ियों से उनके पदक नहीं छीने गए।

उन्होंने यहां ग्रांप्री के दौरान कहा, ‘‘मुझे पूरी उम्मीद है कि मेरे पदक नहीं छीने जाएंगे। मैंने इनके लिए बहुत मेहनत की है। ऐसे उदाहरण हैं जहां खिलाड़ियों से उनके पदक तब भी नहीं छीने गए, जब उनके गाइड प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन के दोषी पाए गए हैं।’’

सिमरन अब सैफी के निलंबन से उबर चुकी हैं और उनके साथ एक नया गाइड रनर है, क्योंकि वह इस साल के अंत में जापान में होने वाले एशियाई पैरा खेलों की तैयारी कर रही हैं।

भाषा आनन्द नमिता

नमिता

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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