नयी दिल्ली, दो मार्च (भाषा) खेल मंत्रालय के ‘भारत’ या ‘भारतीय’ शब्द का उपयोग नहीं करने के निर्देश पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए दिव्यांग क्रिकेट परिषद (डीसीसीआई) ने कहा है कि यह आदेश एकसमान नीति के बजाय ‘‘चयनात्मक और लक्षित कार्रवाई’’ लगता है।
मंत्रालय ने शुक्रवार को निर्देश जारी करते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड से (बीसीसीआई) का समर्थन पाने वाला डीसीसीआई मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल महासंघ (एनएसएफ) नहीं है, इसलिए वह भारत या भारतीय शब्दों का उपयोग नहीं कर सकता है।
डीसीसीआई ने अपने जवाब में कहा कि कई अन्य संस्थाएं भी ऐसा ही कर रही हैं, जबकि उसे कम से कम भारतीय क्रिकेट की मूल संस्था बीसीसीआई का समर्थन प्राप्त है, जो स्वयं भी एक मान्यता प्राप्त एनएसएफ नहीं है।
डीसीसीआई के महासचिव रविकांत चौहान के हस्ताक्षर वाले पत्र में कहा गया है, ‘‘हम आपके कार्यालय द्वारा दिनांक 26 फरवरी 2026 को जारी किए गए पत्र के संबंध में अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हैं। ‘भारत’ शब्द का उपयोग नहीं करने का आपका निर्देश समरूपता और विभागीय नीति का प्रतिबिंब होने के बजाय चयनात्मक और लक्षित कार्रवाई लगता है।’’
इसमें आगे कहा गया है, ‘‘कई अन्य संस्थाओं की अनदेखी करते हुए केवल डीसीसीआई को इस तरह का पत्र जारी करना, असमानता और पक्षपात की धारणा पैदा करता है जो प्राकृतिक न्याय और निष्पक्ष प्रशासनिक कार्रवाई के सिद्धांतों के मौलिक रूप से विपरीत है।’’
इसमें ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया, कराटे एसोसिएशन ऑफ इंडिया और मॉडर्न पेंटाथलॉन फेडरेशन ऑफ इंडिया जैसी संस्थाओं का जिक्र किया गया है। इनमें से किसी को भी मंत्रालय की मंजूरी नहीं मिली है।
पत्र में कहा गया है, ‘‘मंत्रालय का मौजूदा रुख स्पष्ट रूप से असंगत है। कई खेल संघ और संगठन मंत्रालय से औपचारिक मान्यता के बिना काम करते हैं और इसके बावजूद बिना किसी हस्तक्षेप के ‘भारत’ शब्द का उपयोग करते हैं।’’
डीसीसीआई ने निर्देश वापस लेने और उसे औपचारिक मान्यता देने का अनुरोध किया है।
भाषा
पंत
पंत
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
