ला नूसिया (स्पेन) सात फरवरी (भाषा) ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन और विश्व कप स्वर्ण विजेता सचिन सिवाच ने शानदार जीत दर्ज करते हुए ‘बॉक्सैम एलीट इंटरनेशनल 2026’ के फाइनल में जगह बना ली।
इन दोनों के अलावा 10 अन्य भारतीय मुक्केबाज भी फाइनल में पहुंचे हैं। स्वर्ण पदक की दावेदारी में भारत की आठ महिलाएं और चार पुरुष मुक्केबाज शामिल है।
लवलीना ने 75 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में वेल्स की रोजी एक्लेस को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर दमदार प्रदर्शन किया।
महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग में भारत का स्वर्ण पदक पक्का हो गया है। एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार ने सेमीफाइनल में फ्रांस की आया हम्दी को 5-0 से हराया और अब फाइनल में उनका मुकाबला पूनम से होगा। पूनम ने इंग्लैंड की आइवी-जेन स्मिथ को 4-1 से मात दी।
महिलाओं में फाइनल में पहुंचने वाली अन्य भारतीय मुक्केबाजों में मंजू रानी (48 किग्रा), नीतू घंघास (51 किग्रा), प्रिया (60 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) और नैना (80 किग्रा) शामिल हैं। सभी ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीते।
पुरुष वर्ग में 60 किग्रा में सचिन सिवाच ने इंग्लैंड के जैक ड्रायडन को हराकर अपना शानदार फॉर्म जारी रखा।
इसके अलावा दीपक (70 किग्रा), आकाश (75 किग्रा) और अंकुश (80 किग्रा) ने भी जीत दर्ज कर भारत के लिए फाइनल में जगह बनाई।
दीपक ने सत्र के सबसे शानदार मुकाबलों में से एक में कजाकिस्तान के विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल्स के रजत पदक विजेता नुरबेक मुरसल को पहले ही दौर में आरएससी से हराया।
आकाश और अंकुश ने कजाकिस्तान के मुक्केबाजों के खिलाफ कड़े मुकाबलों में जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक मुकाबले में प्रवेश किया।
इस बीच, प्रांजल यादव (65 किग्रा), काजल (65 किग्रा), सनामाचा चानू (75 किग्रा), मनकीरत कौर (80 किग्रा से अधिक), जादुमणि सिंह (55 किग्रा), मोहम्मद हुसामुद्दीन (60 किग्रा) और हितेश गुलिया (70 किग्रा) को सेमीफाइनल में हार के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
भाषा आनन्द मोना
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