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Monday, 23 February, 2026
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एशियाई खेलों में भारत के सौ पदक पक्के

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हांगझोउ, छह अक्टूबर ( भाषा ) ‘अबकी बार सौ पार’ के मंत्र के साथ एशियाई खेलों में उतरे भारतीय दल ने शुक्रवार को पुरूष हॉकी टीम के स्वर्ण, कुश्ती में तीन पदक , सेपकटकरॉ में ऐतिहासिक कांस्य के साथ 95 पदक अपनी झोली में डाल लिये ।

भारत के कबड्डी ( दो ), तीरंदाजी ( तीन), हॉकी ( एक) , बैडमिंटन (एक) और क्रिकेट ( एक ) में कुल छह पदक पक्के हैं । इनकी स्पर्धायें होने के बाद भारत शनिवार को पहली बार एशियाई खेलों के इतिहास में सौ पदक पार कर लेगा ।

आखिरी दिन चार और पहलवान पदक की दौड़ में हैं और पदकों की संख्या में इजाफा भी हो सकता है ।

भारत ने पिछली बार जकार्ता में 70 पदक जीते थे जिसमें 16 स्वर्ण, 23 रजत और 31 कांस्य थे ।

इस बार निशानेबाजों ने 22 और एथलेटिक्स में 29 पदक आये हैं जिससे भारत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सका ।

भारतीय दल ने कई अप्रत्याशित पदक भी जीते जिसमें महिला टेबल टेनिस टीम का कांस्य ( सुतीर्था मुखर्जी और अहिका मुखर्जी ) शामिल है ।

पारूल चौधरी ने महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में आखिरी 30 मीटर में कमाल करके स्वर्ण जीत लिया । भालाफेंक में ओलंपिक और विश्व चैम्पियन नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण और किशोर जेना ने रजत पदक जीता ।

केनोइंग में अर्जुन सिंह और सुनील सिंह ने ऐतिहासिक कांस्य जीता जबकि 35 किमी पैदलचाल में रामबाबू और मंजू रानी को भी कांसा मिला ।

खेलों के अनुसार भारत की पदक संख्या इस प्रकार है ।

तीरंदाजी : तीन स्वर्ण, एक रजत , एक कांस्य

एथलेटिक्स : छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य

बैडमिंटन : एक रजत , एक कांस्य

मुक्केबाजी : एक रजत , चार कांस्य

ब्रिज : एक रजत

क्रिकेट : एक स्वर्ण

घुड़सवारी : एक स्वर्ण, एक कांस्य

गोल्फ : एक रजत

हॉकी : एक स्वर्ण

नौकायन : दो रजत , तीन कांस्य

स्कवाश : दो स्वर्ण, एक रजत , एक कांस्य

निशानेबाजी : सात स्वर्ण, नौ रजत, छह कांस्य

पाल नौकायन : एक रजत, दो कांस्य

टेनिस : एक स्वर्ण , एक रजत

वुशू : एक रजत

रोलर स्केटिंग : दो कांस्य

टेबल टेनिस : एक कांस्य

केनोइंग : एक कांस्य

कुश्ती : पांच कांस्य

सेपकटकरॉ : एक कांस्य

भाषा मोना आनन्द

आनन्द

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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