नयी दिल्ली, 28 मार्च (भाषा) इंग्लैंड के सफेद गेंद के क्रिकेट में बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाजों में से एक जोस बटलर का कहना है कि उन्होंने काम और निजी जिंदगी में संतुलन बनाए रखने के लिए कभी कभी कुछ टी20 फ्रेंचाइजी लीग की पेशकश को ठुकराया भी है।
कितना क्रिकेट बहुत ज्यादा होता है, इस पर बटलर ने कहा कि यह पूरी तरह व्यक्ति पर निर्भर करता है।
बटलर सितंबर में 36 साल के हो जाएंगे लेकिन वह अब भी इंग्लैंड के लिए सफेद गेंद की जिम्मेदारी उठा रहे हैं और साथ ही इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के लगातार 11वें सत्र में लोकप्रिय टी20 बल्लेबाज के तौर पर भी खेल रहे हैं।
गुजरात टाइटंस के साथ उनका यह दूसरा सत्र होगा। तो क्या वह ऐसे मोड़ पर आ गए हैं जहां उन्हें फ्रेंचाइजी और देश में से किसी एक को चुनना पड़ सकता है? इस पर उन्होंने कहा, ‘‘मैं जहां खेल रहा हूं, वहीं पर अपना पूरा ध्यान लगा रहा हूं। मेरे सामने जो है, उसे देखता हूं और उसी के हिसाब से खेलता हूं। ’’
बटलर ने मंगलवार को पंजाब किंग्स के खिलाफ टीम के पहले मैच से पहले पीटीआई के साथ एक खास बातचीत में कहा, ‘‘निश्चित रूप से अभी आईपीएल ही सबसे अहम है। ’’
उनका मानना है कि प्राथमिकता को देखते हुए सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ समय बाद, आप पीछे मुड़कर देखते हैं और सोचते हैं कि मैं अपने करियर में किस मोड़ पर हूं? मेरे लिए क्या जरूरी है? ’’
बटलर ने कहा, ‘‘मैं इंग्लैंड के लिए सिर्फ सफेद गेंद का क्रिकेट खेलता हूं। इसलिए मुझे लगता है कि अब मेरे पास एक ऐसा कैलेंडर है जिसे मैं काफी अच्छे से संभाल सकता हूं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘फ्रेंचाइजी से जुड़े कामों के साथ-साथ कुछ ऐसी चीजें भी हैं जिन्हें मैंने घर पर समय बिताने के लिए ठुकरा दिया है क्योंकि यह मेरे लिए बहुत जरूरी है। ’’
टी20 विश्व कप जीतने वाले इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ने कहा, ‘‘मुझे अपनी ऊर्जा और रिश्तों को बनाए रखने की जरूरत है। ’’
अभी बहुत सारी टी20 लीग चल रही हैं और बटलर का मानना है कि ‘‘जिम्मेदारी खिलाड़ियों पर भी है कि वे इतने अनुशासित हों कि कभी-कभी किसी चीज के लिए मना भी कर सकें। ’’
और कुछ लीग के लिए ‘नहीं’ कहना उतना मुश्किल भी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत आसान है। इतना ज्यादा क्रिकेट है, इतने ज्यादा मौके हैं। मुझे लगता है कि एक खिलाड़ी के तौर पर, जब आप अपनी टीम के लिए खेलने जाते हैं, चाहे वह अंतरराष्ट्रीय हो या फ्रेंचाइजी तो आपको अपने खेल के शिखर पर होना चाहिए। ’’
पिछले दो साल से बटलर गुजरात टाइटंस टीम में शुभमन गिल की कप्तानी में खेल रहे हैं। उन्हें शुभमन के साथ मजा आता है। उन्होंने शुभमन की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘मुझे शुभमन के साथ काम करके बहुत मजा आया। वह बहुत ही सच्चे इंसान हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा यकीन है कि पिछले एक साल में उन्होंने बहुत कुछ सीखा होगा, खासकर गुजरात टीम की कप्तानी करते हुए। अब वह भारतीय टीम के कप्तान हैं इसलिए मुझे पक्का यकीन है कि उन्होंने इस दौरान बहुत सी नयी चीजें सीखी होंगी। ’’
भाषा नमिता
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