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Friday, 10 April, 2026
होमखेलमुझे लगा था कि मैं फिर कभी नहीं खेल पाऊंगा, लेकिन अब गेंदबाजी करके खुश हूं: चेतन सकारिया

मुझे लगा था कि मैं फिर कभी नहीं खेल पाऊंगा, लेकिन अब गेंदबाजी करके खुश हूं: चेतन सकारिया

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(जी उन्नीकृष्णन)

बेंगलुरु, एक जनवरी (भाषा) चेतन सकारिया को तीन साल पहले तक भारत के उभरते हुए तेज गेंदबाजों में से एक गिना जाता था लेकिन चोटिल होने के कारण लंबे समय तक बाहर रहने के बाद उन्हें लगने लगा था कि वह फिर से कभी नहीं खेल पाएंगे।

सकारिया ने मौजूदा घरेलू सत्र में सौराष्ट्र की तरफ से विजय हजारे ट्रॉफी में एक मैच खेला जो फरवरी 2024 के बाद उनका पहला मैच है।

सकारिया ने पीटीआई से कहा, ‘‘जब मुझे चोट लगी थी तो मुझे लगा था कि मैं कभी वापसी नहीं कर पाऊंगा। अब इस घरेलू सत्र में खेलकर मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। सौराष्ट्र के लिए गेंदबाजी करने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है।’’

इस तेज गेंदबाज के बाएं हाथ की कलाई में 2024 के शुरू में चोट लगी थी जिससे उबरने में उन्हें काफी समय लग गया। सकारिया ने कहा कि यह मानसिक रूप से थका देने वाला दौर था।

उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे लिए मानसिक रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण था। मुझे विश्वास नहीं था कि मैं दोबारा क्रिकेट खेल पाऊंगा। कुछ डॉक्टरों ने मुझसे कहा कि शायद मैं दोबारा गेंद को ठीक से पकड़ भी न पाऊं। यह मेरे लिए बहुत मुश्किल समय था क्योंकि मैं खुद पर भरोसा नहीं कर पा रहा था।’’

सकारिया को निजी जीवन में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वर्ष 2021 में उनके पिता और छोटे भाई की मौत हो गई थी। इस 27 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि उस उथल-पुथल भरे दौर ने उन्हें जीवन और करियर में आने वाली असफलताओं से निपटना सिखाया।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे जीवन में जो परिस्थिति आई, वह अप्रत्याशित थी। अगर मैं क्रिकेटर नहीं होता तो मुझे नहीं लगता कि मैं दोबारा वास्तविक ज़िंदगी में लौट पाता। अब मुझे लगता है कि अगर मेरी ज़िंदगी में फिर कभी कोई मुश्किल हालात आते हैं तो मैं उनका सामना करने के लिए तैयार हूं। मुझे पता है कि मुझे क्या करना है।’’

सकारिया अब घरेलू क्रिकेट में सक्रिय हो गए हैं लेकिन उनका मानना है कि भारत की टीम में वापसी करने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी होगी। उन्होंने अब तक भारत की तरफ से एक वनडे और दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं।

बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने कहा, ‘‘मुझे अब भी लगता है कि मैं राष्ट्रीय टीम में जगह बना सकता हूं लेकिन उसके लिए मुझे कड़ी मेहनत करनी होगी। मुझे अपनी तकनीक पर काम करना होगा ताकि मैं लय हासिल कर सकूं। लेकिन मैं अपने खेल में दिन-प्रतिदिन सुधार कर रहा हूं और यह मेरे लिए सकारात्मक बात है।’’

भाषा

पंत

पंत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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