बेंगलुरु, 24 जनवरी (भाषा) पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली एसए20 लीग में प्रिटोरिया कैपिटल्स के मुख्य कोच के तौर पर इस भूमिका का आनंद ले रहे हैं और उनका कहना है कि खिलाड़ियों को बेहतर बनने में मदद करने के साथ ईमानदार और पारदर्शी रहकर उनका सम्मान पाना सबसे अहम होता है। ’’
गांगुली के मार्गदर्शन में प्रिटोरिया कैपिट्स का इस सत्र के एसए20 फाइनल में पहुंचना भी उनके शब्दों को सही साबित करता है।
उन्होंने रविवार को प्रिटोरिया कैपिटल्स और सनराइजर्स ईस्टर्न केप के बीच एसए20 के चौथे चरण के फाइनल से पहले जियोस्टार प्रेस रूम में कहा, ‘‘ईमानदार और पारदर्शी रहना जरूरी है। यह जरूरी है कि आप सही माहौल बनाएं। खिलाड़ियों को बेहतर बनने में मदद करने की कोशिश करें और ड्रेसिंग रूम में उनका सम्मान हासिल करें। एक ग्रुप के तौर पर यही जरूरी है।’’
गांगुली ने कहा कि भारत के कप्तान के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान कुछ स्टार खिलाड़ियों की अगुआई करने का उनका अनुभव उनकी नयी भूमिका में काम आया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने बहुत से महान खिलाड़ियों की कप्तानी की है और महान खिलाड़ी बहुत समझदार होते हैं क्योंकि वे सभी इस स्तर पर अच्छा करना चाहते हैं। मैं बस उनके साथ दोस्त जैसा रहता हूं, उन्हें बताता हूं कि सही तस्वीर क्या है और उन्हें वह दिखाने की कोशिश करता हूं। आखिरकार खिलाड़ी ही मैदान पर प्रदर्शन करते हैं, कोच नहीं। ’’
गांगुली ने कहा, ‘‘इसलिए कोचिंग स्टाफ के तौर पर आप उन्हें सबसे अच्छा अभ्यास देते हैं और उन्हें मानसिक रूप से अच्छी स्थिति में रखते हैं। टूर्नामेंट में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। इसलिए सही संदेश देना और उन्हें यह समझाना जरूरी है कि बेहतर होने का एकमात्र तरीका ट्रेनिंग में बार-बार चीजों को करना है। ’’
तो एक कोच के तौर पर वह ड्रेसिंग रूम के माहौल में खिलाड़ियों से कैसे जुड़ते हैं?
गांगुली के लिए यह प्रक्रिया टूर्नामेंट से पहले टीम में औपचारिक रूप से शामिल होने से पहले ही शुरू हो जाती है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं उन सभी के संपर्क में रहता था। जब डेवाल्ड ब्रेविस दक्षिण अफ्रीकी टीम के साथ दौरे पर थे तो मैं उनसे भारत में मिला था। मैं उनसे कोलकाता में मिला। हमने साथ में डिनर किया और केशव महाराज (कैपिटल्स के कप्तान) के साथ कुछ समय बिताया। ’’
गांगुली ने कहा, ‘‘उसके बाद मैं वाट्सअप पर उनसे नियमित रूप से संपर्क में रहा। यहां तक कि लुंगी, लिजर्ड, गिडियन, कोडी जैसे दूसरे खिलाड़ियों से भी, जो चोट से उबर रहे थे। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘टूर्नामेंट शुरू होने से पहले उनके पास थोड़ा समय था। मुझे चिंता थी कि क्या वे समय पर ठीक हो पाएंगे क्योंकि एक फ्रेंचाइजी में, लीग में, अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को फिट रखना बहुत जरूरी होता है क्योंकि उनकी जगह लेने वाले खिलाड़ी बहुत कम मिलते हैं। ’’
गांगुली (53 साल) ने कहा कि वह दक्षिण अफ्रीका जाने से पहले ही व्यक्तिगत रिश्ता बनाना चाहते थे। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले 40 दिन अच्छे रहे हैं। यह एक अच्छा रिश्ता रहा है। जैसा कि मैंने कहा, यह कोच के बारे में नहीं है, यह खिलाड़ियों के बारे में है। मैंने हमेशा इन युवा लड़कों की मदद करने की कोशिश की है। लेकिन यह उनकी बेहतर बनने की चाहत है, जिसकी वजह से हमने इतना अच्छा खेला है। ’’
डेवाल्ड ब्रेविस ने कैपिटल्स को खिताबी मुकाबले तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने दो अर्धशतक जड़ने के साथ 269 रन बनाए हैं।
ब्रेविस ने गांगुली से मिली सीख के बारे में बताया, खासकर स्पिन के खिलाफ खेलने के लिए। ब्रेविस ने कहा, ‘‘हमने जो समय मैदान के बाहर बिताया, जो बातचीत हमने की, अगर मैं एसए20 की शुरुआत से ही सोचूं तो यह देखकर अच्छा लगता है कि आखिरकार यह उसी दिशा में जा रहा है जैसी कोच ने योजना बनाई थी। यह स्पिन खेलने जैसी छोटी-छोटी बातें हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे किसी भी गेंदबाज का सामना करना पसंद है, लेकिन स्पिन खेलने की ताकत अलग होती है। लेकिन कोच ने मुझसे कहा, जैसे ट्रैक पर अपने पैरों का इस्तेमाल करना। हमने इस बारे में बात की थी और इसने सचमुच सब कुछ बदल दिया कि इसे ठीक से कैसे करना है क्योंकि कोच ने यह वर्षों तक किया था और मैंने वह वीडियो बहुत बार देखा। ’’
भाषा नमिता आनन्द
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