नयी दिल्ली, 13 मार्च (भाषा) केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने भारतीय खेल पत्रकार महासंघ (एसजेएफआई) के सालाना सम्मेलन का उद्घाटन और जेके बोस मेमोरियल ट्रॉफी का अनावरण करते हुए शुक्रवार को यहां कहा कि जमीनी स्तर पर खेल के विकास को मजबूत करना और खेल पर्यटन को बढ़ावा देना सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल है।
महासंघ के स्वर्ण जयंती सम्मेलन के दौरान एसजेएफआई के अध्यक्ष सरजू चक्रवर्ती और दिल्ली खेल पत्रकार संघ के प्रमुख अभिषेक त्रिपाठी की मौजूदगी में ट्रॉफी का अनावरण किया गया।
खेल सचिव हरि रंजन राव ने कहा कि भारतीय खेल विकास के एक अहम पड़ाव पर पहुंच गए हैं और जल्द ही प्रशासन में संरचनात्मक बदलाव होने की उम्मीद है।
राव ने कहा, ‘‘ राष्ट्रीय खेल बोर्ड (एनएसबी) और राष्ट्रीय खेल पंचाट (एनएसटी) अगले महीने बन जाएंगे और प्रशासन की नयी प्रक्रियाएं आम हो जाएंगी। ’’
उन्होंने आगे कहा कि देश का खेलों का वातावरण एक अहम दौर में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय खेल एक अहम मोड़ पर पहुंच गए हैं। आने वाले दिनों में बहुत सी अच्छी चीजें होंगी। ’’
खडसे ने जोर देकर कहा कि ‘खेलो इंडिया मिशन’ के तहत नयी पहल का मकसद भागीदारी का आधार बढ़ाना और जमीनी स्तर के ढांचे को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा, ‘‘खेलो इंडिया मिशन के तहत नयी नीतियां जमीनी स्तर तक पहुंचने की कोशिश हैं। ’’
मंत्री ने आगे कहा कि पारंपरिक भारतीय खेल और ओलंपिक खेल दोनों ही सरकार के लिए मुख्य ध्यान का केंद्र बने हुए हैं।
खडसे ने कहा, ‘‘पारंपरिक भारतीय खेल और ओलंपिक खेल हमारी प्राथमिकता हैं। जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर एक सही ढांचा होना चाहिए ताकि प्रतिभा आगे बढ़ सके। ’’
खेल की आर्थिक क्षमता पर जोर देते हुए खडसे ने कहा, ‘‘हम खेल पर्यटन को बेहतर बनाना चाहते हैं जो आर्थिक विकास में योगदान दे सकता है। खेल विज्ञान के आने से भारत के युवाओं को करियर के बहुत सारे मौके मिलेंगे। ’’
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत वैश्विक चरण पर खेल को एक रणनीतिक साधन के तौर पर इस्तेमाल करना चाहता है।
खडसे ने कहा, ‘‘भारत खेलों को एक ‘सॉफ्ट पावर’ के तौर पर इस्तेमाल करके आगे बढ़ने की कोशिश करेगा। ’’
यह सम्मेलन एसजेएफआई की स्वर्ण जयंती है जो देश भर के खेल पत्रकारों का प्रतिनिधित्व करता है और जिसने पिछले पांच दशकों में भारतीय खेलों के विकास को दर्ज करने में अहम भूमिका निभाई है।
भाषा नमिता आनन्द
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