हैदराबाद, 13 मार्च (भाषा) भारत ने मनीषा चौहान के तीसरे क्वार्टर में पेनल्टी कॉर्नर पर किए गए गोल की मदद से शुक्रवार को यहां एफआईएच महिला विश्व कप क्वालीफायर के सेमीफाइनल में इटली को 1-0 से हराया, जिससे अब खिताब के लिए उसका सामना इंग्लैंड से होगा।
मिडफील्डर मनीषा ने तीसरे क्वार्टर के 40वें मिनट में निर्णायक गोल किया।
भारत इस साल 15 से 30 अगस्त तक नीदरलैंड और बेल्जियम की संयुक्त मेजबानी में होने वाले विश्व कप में पहले ही जगह बना चुका है।
भारत ने जोरदार शुरुआत की, लेकिन इटली ने तुरंत जवाब दिया और आक्रामक हमले किए।
हालांकि भारत ने दूसरे क्वार्टर में लय हासिल कर ली। 18वें मिनट में भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन नवनीत कौर के शॉट को इटली की गोलकीपर लूसिया इनेस कारुसो ने रोक दिया।
मेजबान टीम को 27वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। कप्तान सलीमा टेटे के शॉट को इटली की डिफेंडर ने रोक दिया, जिससे गोल नहीं हो सका।
29वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर से गोल करने का एक और मौका मिला, लेकिन नवनीत का शॉट चूक गया।
दूसरे हाफ के शुरुआती मिनटों में इटली ने जोरदार हमला किया, लेकिन भारत की गोलकीपर बीचू देवी खारिबाम ने इसका बचाव किया।
भारत को 40वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला और इस बार टीम ने इसे गोल में बदल दिया। मनीषा ने एक जबरदस्त ड्रैग फ्लिक मारी, जो इटली के डिफेंस को भेदते हुए नेट में चली गई।
भारत ने आखिरी क्वार्टर में अपनी बढ़त बढ़ाने के लिए दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन इटली ने मजबूत डिफेंस के साथ उन्हें रोक लिया।
इटली ने मैच के आखिरी मिनटों में अपना सब कुछ झोंक दिया और 59वें मिनट में एक अहम पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन वह बराबरी का गोल करने से चूक गया।
इससे पहले इंग्लैंड ने दूसरे सेमीफाइनल में स्कॉटलैंड को 2-0 से हराया। इसमें लोटी बिंगहैम (25वां मिनट) और ड्रसी बॉर्न (29वां मिनट) ने गोल दागकर टीम को फाइनल में पहुंचाया।
भाषा नमिता आनन्द
आनन्द
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
