नयी दिल्ली, 14 सितंबर (भाषा) दिग्गज फुटबॉल कोच आर्सीन वेंगर का मानना है कि फुटबॉल की वैश्विक संचालन संस्था फीफा और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के बीच ‘सहयोग’ और ‘ठोस इच्छा’ भारत में केंद्रीय अकादमी की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगी जिसके लिए वह अगले महीने देश के दौरे पर आएंगे।
अकादमी स्थापित करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया में एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे और महासचिव शाजी प्रभाकरण से मिलने वाले वेंगर ने कहा कि बैठक के बाद वह ‘काफी आशावान’ हैं।
एआईएफएफ की विज्ञप्ति में वेंगर के हवाले से कहा गया, ‘‘मैं कहूंगा कि फुटबॉल दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल है और यह तार्किक है कि दुनिया के सबसे बड़े देशों में से एक को फुटबॉल विकास का मौका मिले।’’
उन्होंने कहा, ‘‘संख्या फायदे की स्थिति है लेकिन संगठन का काम मुश्किल हो जाएगा। एक अरब 40 करोड़ लोग, मैं कहूंगा कि यह सोने की खान है लेकिन ऐसी सोने की खान, इस समय जिसका हमने आकलन नहीं किया है या पहचाना नहीं है।’’
इस कोच ने कहा, ‘‘इसलिए हमें देश के भीतर ऐसे लोगों की जरूरत है जिन्हें पता हो कि प्रतिभा कहां है। यही कारण है कि फीफा और एआईएफएफ के बीच सहयोग बेहद महत्वपूर्व है, साथ ही ठोस इच्छा।’’
वेंगर ने उम्मीद जताई की एआईएफएफ के साथ उनकी बातचीत सफलता में बदलेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी बातचीत के अनुसार, एआईएफएफ ऐसा करने में हमारी मदद के लिए एकाग्र और प्रेरित है। मुझे लगता है कि हम एक साथ शानदार काम करेंगे।’’
इस 73 वर्षीय कोच ने कहा कि भारत देश में फुटबॉल की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए जापान के उदाहरण का अनुसरण कर सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं 1995 में जापान गया था। उन्होंने 1993 में पेशेवर लीग शुरू की थी। लेकिन उन्होंने बहुत पहले ही समझ लिया था कि आपको युवा खिलाड़ियों के लिए अकादमियां खोलने और शिक्षा की जरूरत है और उन्होंने उस कार्यक्रम को बहुत अच्छे से आगे बढ़ाया।’’
वेंगर ने कहा, ‘‘अब उन्हें देखें, लड़कों के साथ-साथ लड़कियां भी। जापान विश्व कर शीर्ष रैंकिंग वाली टीमों में से एक है। वे अनुसरण करने के लिए एक अच्छा उदाहरण हैं। उन्होंने बहुत जल्दी समझ लिया कि शिक्षा ही कुंजी है।’
वेंगर ने कहा कि प्रतिभा की पहचान करने के अलावा एआईएफएफ को शिक्षा की जिम्मेदारी भी संभालनी होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘कुल मिलाकर, यह दो चीजों पर आधारित है। पहला, यह प्रतिभा की पहचान करना है। और फिर शैक्षिक कार्यक्रम और कोचिंग की गुणवत्ता बेहद महत्वपूर्ण है। एआईएफएफ को हमारे साथ शिक्षा का प्रभार लेना है और हमें अच्छे सहयोग की जरूरत है।’’
इस दिग्गज कोच ने मामले को आगे बढ़ाने के लिए अक्टूबर में भारत का दौरा करने की योजना बनाई है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे यह देखकर खुशी होगी कि काम कैसे हो रहा है और मैंने अक्टूबर के अंत में या उसके आसपास भारत जाने की योजना बनाई है।’’
वेंगर ने कहा कि क्रिकेट भारत का नंबर एक खेल होने के बावजूद अन्य खेलों के लिए भी पर्याप्त जगह है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे समझ नहीं आता कि इतने खिलाड़ियों की संख्या के साथ भारत विश्व मानचित्र पर क्यों नहीं होगा। यह खेल से प्यार करने वाला देश है।’’
वेंगर ने कहा, ‘‘फिलहाल क्रिकेट उनका नंबर एक खेल है। मेरे मन में क्रिकेट के खिलाफ कुछ भी नहीं है। मैं लंबे समय तक इंग्लैंड में था और मुझे पता है कि क्रिकेट इंग्लैंड के लिए कितना महत्वपूर्ण है। लेकिन अन्य खेलों के लिए भी जगह है।’’
भाषा सुधीर नमिता
नमिता
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
