हांगझोउ, छह अक्टूबर (भाषा) सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की स्टार जोड़ी ने शुक्रवार को यहां शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरूष युगल फाइनल में जगह बनाई और एशियाई खेलों में बैडमिंटन में भारत के लिए स्वर्ण पदक की उम्मीदों की बनाये रखा है।
दिन के मुकाबले में एचएस प्रणय को गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ा और गत ऑल इंग्लैंड चैंपियन चीन के ली शीफेंग के खिलाफ पुरुष एकल सेमीफाइनल में सीधे गेम में हार के साथ कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
कमर में हल्की चोट के साथ खेल रहे दुनिया के सातवें नंबर के भारतीय खिलाड़ी को काफी सहज गलतियां करने के कारण दुनिया के आठवें नंबर के खिलाड़ी ली के खिलाफ 51 मिनट में 16-21, 9-21 से हार झेलनी पड़ी।
नयी दिल्ली 1982 में सैयद मोदी के कांस्य पदक के बाद पुरुष एकल में यह भारत का 41 साल बाद पहला पदक है।
प्रणय के साथ विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज चिराग और सात्विक की जोड़ी पिछले हफ्ते रजत पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष टीम का भी हिस्सा थी।
भारतीय जोड़ी ने सेमीफाइनल में मलेशिया के आरोन चिया और सोह वूई यिक की जोड़ी के खिलाफ दबदबा बनाते हुए 46 मिनट में 21-17, 21-12 से जीत दर्ज की।
तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली यह जोड़ी एशियाई खेलों में रजत पदक पक्का करने वाली पहली भारतीय जोड़ी बन गई।
राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता जोड़ी के सामने शनिवार को फाइनल में चोई सोल ग्यु और किम वोन हो की चुनौती होगी।
इससे पहले तिरुवनंतपुरम के 31 साल के प्रणय ने चीन के खिलाड़ी को शुरुआत में अच्छी टक्कर दी। काफी गलतियां करने के कारण पहले गेम के बीच में हालांकि वह पिछड़ गए। उन्होंने अंक जुटाने के प्रयास में कई शॉट बाहर मारे।
प्रणय ने 3-1 की बढ़त बनाई लेकिन ली ने 5-5 पर स्कोर बराबर कर दिया। भारतीय खिलाड़ी ने स्मैश के साथ स्कोर 8-5 किया लेकिन चीन का खिलाड़ी उनकी गलतियों का फायदा उठाकर 10-10 पर बराबरी हासिल करने में सफल रहा।
ब्रेक के समय प्रणय ने 11-10 की मामूली बढ़त बना रखी थी। प्रणय ने स्कोर 13-11 किया लेकिन इसके बाद उनकी गलतियों ने ली को वापसी का मौका दिया।
ली ने जल्द ही 17-14 की बढ़त बनाई जिसे उन्होंने 19-15 तक पहुंचाया। चीन के खिलाड़ी ने नेट पर अंक के साथ चार गेम प्वाइंट हासिल किए और फिर एक और नेट अंक के साथ पहला गेम जीत लिया।
दूसरे गेम में प्रणय शुरुआत में ही पिछड़ गए। चीन के खिलाड़ी ने 8-4 की बढ़त बनाई और फिर ब्रेक तक 11-6 से आगे था।
प्रणय अपनी गलतियों पर अंकुश नहीं लगा पा रहे थे जिससे ली को आसानी से अंक मिल रहे थे। चीन के खिलाड़ी ने 19-9 की बढ़त बनाई। उन्होंने लाइन पर रिटर्न के साथ 11 मैच प्वाइंट हासिल किए और फिर गेम और मैच जीत लिया।
प्रणय ने स्वीकार किया कि फिटनेस का शीर्ष स्तर हासिल नहीं कर पाना उनकी हार का एक कारण रहा। यह 31 वर्षीय खिलाड़ी यहां अधिकांश मैच कमर में पट्टी (टेप) लगाकर खेला।
प्रणय ने कहा, ‘‘ली को श्रेय। उन्होंने ठोस खेल दिखाया। मेरे पास पहले गेम में अधिक मौके थे लेकिन 14-14 के बाद मुकाबला मुझसे दूर चला गया। मेरे वर्तमान फिटनेस स्तर को देखते हुए मैं इतने बड़े मंच पर इस तरह से सेमीफाइनल खेलने को लेकर काफी खुश हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह पहली बार है जब उसने मुझे हराया है और शायद मेरी फिटनेस ने इसमें भूमिका निभाई है लेकिन आज वह कहीं बेहतर तरीके से तैयार था। दर्शकों ने उसे आत्मविश्वास दिया। मुझे लगता है कि कई चीजों के संयोजन ने उसे बढ़त दिला दी।’’
प्रणय ने यह भी संकेत दिया कि पेरिस ओलंपिक क्वालीफिकेशन कार्यक्रम के बोझ उन पर हावी हो रहा है और उन्हें अपनी चोटों का ध्यान रखना होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘दुख की बात है कि उससे पहले (2024 ओलंपिक) बहुत सारे टूर्नामेंट हैं। क्वालीफिकेशन का एक पूरा साल और इतने सारे टूर्नामेंट कुछ बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए क्रूर हो सकते हैं। मुझे इन मुद्दों (कमर की चोट) का ध्यान रखने की ज़रूरत है।’’
भाषा आनन्द मोना
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