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Wednesday, 4 February, 2026
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बीएआई ने स्वैच्छिक आयु सुधार की अंतिम तिथि को 10 जुलाई तक बढ़ाया

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नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने खिलाड़ियों से बड़ी संख्या में मिल रही प्रतिक्रिया को देखते हुए ‘स्वैच्छिक आयु सुधार योजना (वीएआरएस)’ की समय सीमा को आगे बढ़ाकर 10 जुलाई कर दिया।

बीएआई की यह योजना उन पंजीकृत खिलाड़ियों के लिए है जिनके पास मौजूदा समय में बीएआई का पहचान पत्र है, लेकिन उसमें जन्मतिथि गलत है या उम्र को लेकर कोई विसंगति हैं। खिलाड़ियों को सिर्फ एक बार ही इसमें सुधार करने का मौका मिलेगा।

इस खेल में बड़े पैमाने पर उम्र की हेराफेरी को देखते हुए बीएआई ने खिलाड़ियों को छह से 25 जून तक सुधार का समय दिया था।

खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया को देखते हुए बीएआई ने अब यह समयसीमा बढ़ा दी है।

बीएआई सचिव संजय मिश्रा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘ इस योजना को बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और यह देखते हुए कि हमने तारीख को 10 जुलाई तक बढ़ाने का फैसला किया है और मुझे उम्मीद है कि यह विस्तार खिलाड़ियों और भारतीय बैडमिंटन के अनुपालन और बेहतरी के हमारे मिशन को बढ़ावा देगा।’’

बैडमिंटन में उम्र संबंधी धोखाधड़ी लंबे समय से चली आ रही समस्या है। पिछले साल हैदराबाद में अखिल भारतीय सब-जूनियर अंडर-13 रैंकिंग टूर्नामेंट और मोहाली में चल रहे अंडर-13 स्पर्धा के दौरान उम्र में हेराफेरी के कई मामले सामने आए थे।

बीएआई ने इससे पहले एक विज्ञप्ति में कहा था,  ‘‘ संघ ने हाल की आयु संबंधी धोखाधड़ी की शिकायतों और धोखाधड़ी के मामलों को गंभीरता से लिया है। इस मुद्दे से निपटने और सभी प्रतिभागियों के लिए एक समान मौका सुनिश्चित करने के लिए, बीएआई स्वीकृत टूर्नामेंट में आयु धोखाधड़ी के दोषी पाए गए खिलाड़ियों के खिलाफ कड़े कदम उठायेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ आयु सत्यापन और दंड संहिता से जुडी जानकारी बीएआई की नयी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में सूचीबद्ध हैं। इसे गुवाहाटी में 21 मई 2023 को आयोजित कार्यकारी समिति की बैठक और बीएआई की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में अनुमोदित किया गया है।’’

बीएआई ने कहा कि वह खिलाड़ियों द्वारा दिये गये आंकड़ों की गोपनीयता बनाए रखेगा और उसका इस्तेमाल उसके स्वीकृत टूर्नामेंटों से संबंधित उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

बीएआई ने कहा कि जो खिलाड़ी ‘वीएआरएस’ के दौरान अपनी आयु को सही करेंगे वे किसी भी स्वीकृत टूर्नामेंट से प्रतिबंधित नहीं होंगे। उन पर कोई जुर्माना भी नहीं लगेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘ यह आयु विसंगतियों को सुधारने का एक बार का मौका है। जो खिलाड़ी इस योजना का लाभ नहीं उठाएंगे और बाद में आयु धोखाधड़ी के दोषी पाए जाते हैं, उन्हें गंभीर दंड का सामना करना पड़ेगा। इसमें बीएआई स्वीकृत टूर्नामेंट से अयोग्यता, दो साल का प्रतिबंध, माता-पिता के खिलाफ प्राथमिकी के अलावा अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई शामिल है।’’

बीएआई ने कहा कि सभी संदिग्ध खिलाड़ियों को उनकी उम्र सत्यापित करने के लिए बीएआई अधिकृत केंद्रों पर टीडब्ल्यू3 (हड्डी परीक्षण) या किसी अनुमोदित चिकित्सा जांच से गुजरना होगा।

भाषा आनन्द नमिता

नमिता

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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