नयी दिल्ली, 28 अगस्त (भाषा) अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) और एफएसडीएल ने बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय में एक प्रस्ताव पेश किया जिसमें दिसंबर में इंडियन सुपर लीग के संचालन के लिए एक व्यावसायिक साझेदार के चयन हेतु पारदर्शी निविदा प्रक्रिया पर सहमति व्यक्त की गई जिससे भारतीय फुटबॉल में गतिरोध का समाधान निकल सकता है।
यह प्रस्ताव उच्चतम न्यायालय में सोमवार को एआईएफएफ और ‘फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड’ (एफएसडीएल) द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व निर्देशानुसार इस मामले पर चर्चा के बाद पेश किया गया।
उच्चतम न्यायालय एआईएफएफ के गठन से संबंधित एक मामले पर भी विचार कर रहा है।
एआईएफएफ और एफएसडीएल ने कहा कि वे व्यापक जनहित और भारत में खेल के प्रचार के लिए सहमति से एक प्रस्ताव पर पहुंचे हैं।
उच्चतम न्यायालय में पेश किए गए प्रस्ताव में कहा गया है, ‘‘एआईएफएफ इस बात पर सहमत हुआ है कि : वह वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप आईएसएल के संचालन के लिए एक व्यावसायिक साझेदार के चयन हेतु एक खुली, प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी निविदा (या समकक्ष प्रक्रिया) आयोजित करेगा। ’’
इसमें कहा गया, ‘‘यह प्रक्रिया राष्ट्रीय खेल विकास संहिता 2011, राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम 2025, एआईएफएफ संविधान और फीफा तथा एशियाई फुटबॉल परिसंघ (एएफसी) द्वारा लागू नियमों के अनुरूप संचालित की जाएगी। ’’
इसके अनुसार, ‘‘इस प्रक्रिया का प्रबंधन किसी प्रतिष्ठित स्वतंत्र पेशेवर फर्म, जैसे कि ‘बिग फोर’ में से किसी एक या समकक्ष प्रतिष्ठा वाली संस्था द्वारा किया जा सकता है। ’’
एआईएफएफ और एफएसडीएल ने सहमति व्यक्त की कि यह प्रक्रिया 15 अक्टूबर 2025 तक पूरी हो जाएगी जिससे क्लबों, प्रसारकों, प्रायोजकों और अन्य हितधारकों को भरोसा मिलेगा और वे निश्चिंत हो जाएंगे।
एएफसी की सहमति के बाद लीग का नया सत्र दिसंबर में शुरू हो सकता है।
दोनों पक्षों के बीच यह समझौता विश्व फुटबॉल संचालन संस्था फीफा और एएफसी द्वारा भारत पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाने की धमकी देने के कुछ दिनों बाद हुआ है।
एआईएफएफ को कड़ी चेतावनी जारी की गई है कि उसे 30 अक्टूबर तक एक नया संविधान अपनाना और उसकी पुष्टि करनी होग, वर्ना उस पर निलंबन लग सकता है। निलंबन का मतलब होगा कि राष्ट्रीय टीमों और क्लबों को सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।
फीफा और एएफसी ने निर्देश दिया है कि कल्याण चौबे के नेतृत्व वाले एआईएफएफ को संशोधित संविधान को मंजूरी देने, उसे फीफा और एएफसी के अनिवार्य नियमों के अनुरूप बनाने और 30 अक्टूबर की समय सीमा से पहले अगली आम सभा में इसकी पुष्टि करने के लिए उच्चतम न्यायालय से एक ‘निश्चित आदेश’ प्राप्त करना होगा।
भाषा नमिता पंत
पंत
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.