नयी दिल्ली, पांच मार्च (भाषा) भारतीय साइकिलिंग के लिए पहली बार इस साल नवंबर में एक फ्रेचाइजी आधारित लीग की योजना बनाई जा रही है। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इस पहल को देश में अब भी अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे इस खेल के लिए एक संभावित ‘निर्णायक पल’ बताया है।
आठ टीम वाली भारतीय साइकिलिंग लीग नवंबर के दूसरे हफ्ते में अहमदाबाद में होगी जो 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी मिलने के बाद 2036 ओलंपिक की मेजबानी के अधिकार हासिल करने की कोशिश कर रहा है।
मांडविया ने कहा, ‘‘यह आयोजन भारतीय खेलों में एक अहम पल है। दुनिया की पहली फ्रेंचाइजी आधारित रोड साइकिलिंग लीग शुरू करके हम सिर्फ रेस का आयोजन नहीं कर रहे हैं बल्कि एक पेशेवर पारिस्थितिकी तंत्र बना रहे हैं जो प्रतिभा को बढ़ावा देगा, दुनिया का ध्यान खींचेगा और एक फिट और अतुल्य भारत के हमारे विजन के अनुसार होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘चाहे वह पुणे ग्रैंड टूर हो, अहमदाबाद में यह लीग हो, या हर हफ्ते देश में अलग-अलग जगहों पर होने वाली संडे ऑन साइकिल। आने वाले दिनों में यह सब भारत में साइकिलिंग को एक खेल के तौर पर स्थापित करेगा।’’
हर फ्रैंचाइजी में 10 खिलाड़ी होंगे जिनमें दो अंतरराष्ट्रीय राइडर के साथ-साथ दो जूनियर भारतीय साइकिलिस्ट भी होंगे। जूनियर खिलाड़ियों को शामिल करने का मकसद उभरती हुई घरेलू प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना है।
प्रतियोगिता में तीन चरण होंगे जो ग्रैंड फिनाले तक पहुंचेगा। इसमें क्राइटेरियम रेस, टीम टाइम ट्रायल और कई प्रतिभागियों वाली रेस जैसे अलग-अलग प्रारूप की रेस होंगी।
भारतीय साइकिलिंग महासंघ के अध्यक्ष मनिंदर पाल सिंह ने कहा, ‘‘लीग नवंबर के आखिर तक चलेगी। हमारे प्रमोटर न्यू होराइजन अलायंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ बातचीत के बाद बाकी तरीकों और प्रतियोगिता के ढांचे पर काम किया जाएगा।’’
भाषा सुधीर आनन्द
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