नयी दिल्ली, 25 नवंबर (भाषा) भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने मंगलवार को 2026 के लिए अपना कार्यक्रम (कैलेंडर) जारी किया जिसमें कांस्य-स्तरीय महाद्वीपीय प्रतियोगिता के स्तर को ऊंचा करने के साथ राष्ट्रीय इंडोर मीट की शुरुआत सहित घरेलू प्रतियोगिताओं की संख्या में बढ़ोतरी की गयी है।
एएफआई ने कहा कि उसका इरादा इस वर्ष घरेलू प्रतियोगिताओं की संख्या 32 से बढ़ाकर 40 करने और पिछले साल भुवनेश्वर में आयोजित महाद्वीपीय टूर मीट को रजत स्तर का बनाने का है। प्रतियोगिता के स्तर को ऊंचा करने का मतलब प्रतिभागियों के लिए उच्च रैंकिंग अंक होंगे, जिससे इसमें बेहतर क्षमता वाले एथलीट आकर्षित होंगे।
एएफआई के प्रतियोगिता निदेशक रविन्द्र चौधरी ने कहा, ‘‘पिछले साल हमने कांस्य स्तर की महाद्वीपीय टूर मीट आयोजित की थी, इस साल रजत स्तर की टूर मीट आयोजित करने जा रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ हम अपने कार्यक्रम में इंडोर राष्ट्रीय चैंपियनशिप को पहली बार शामिल कर रहे हैं। यह हमारे इतिहास में पहली बार होगा जब हम राष्ट्रीय इंडोर चैंपियनशिप का आयोजन करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ हम दो और इंडोर प्रतियोगिताएं आयोजित करने की भी योजना बना रहे हैं। इसमें अलग से पोल वॉल्ट के लिए इंडोर प्रतियोगिता है। हमने पिछले साल 32 प्रतियोगिताएं आयोजित की थी और अब इसे बढ़ाकर 40 कर दिया है।’’
चौधरी ने कहा कि प्रतियोगिताओं को ग्रां प्री के बजाय ‘इंडियन एथलेटिक्स सीरीज’ कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताओं की संख्या बढ़ाने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हमारे खिलाड़ियों को अधिक प्रतिस्पर्धी अनुभव मिले।
राष्ट्रीय कोच पी राधाकृष्णन नायर ने कहा कि अगले साल होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों के लिए पात्र होने के लिए खिलाड़ियों को कुछ प्रतियोगिताओं में भाग लेना अनिवार्य होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘ बिल्कुल। हमने अभी तक यह तय नहीं किया है कि कौन सी प्रतियोगिता इसके लिए चयन प्रतियोगिता होगी। आप जानते हैं कि राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेल दोनों एक-दूसरे के बहुत करीब हैं। इसलिए अलग-अलग ट्रायल आयोजित करना संभव नहीं है।’’
भाषा आनन्द मोना
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