चेन्नई, 22 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय कोच ग्रैंडमास्टर एम श्याम सुंदर ने मंगलवार को कहा कि आर प्रज्ञानानंदा का दबाव की स्थिति में सहजता से बचाव करना और अपने प्रतिद्वंद्वी की कमजोरी को तुरंत भांपने की क्षमता एक विश्व स्तरीय खिलाड़ी की पहचान है।
भारत के प्रज्ञानानंदा फिडे विश्व कप के फाइनल में अब नॉर्वे के सुपर स्टार मैग्नस कार्लसन से भिड़ेंगे।
बाकू में मौजूद ग्रैंडमास्टर श्याम सुंदर ने कहा कि प्रज्ञानानंदा के पास ऑलराउंड खेल है।
उन्होंने कहा, ‘‘उनकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ भी मुश्किल स्थिति में बचाव करने की उनकी क्षमता है। उनकी गणना करने की क्षमता उत्कृष्ट है और वह आत्मविश्वास के साथ बेहतर स्थिति को जीत में बदल सकता है।’’
उनका कहना है कि सबसे महत्वपूर्ण यह है कि प्रज्ञानानंदा सभी प्रारूप में अच्छा है।
कोच ने कहा कि कई युवा खिलाड़ियों के सामने आने और उनके बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से खिलाड़ी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
श्याम सुंदर ने कहा, ‘‘डी गुकेश, प्रज्ञानानंदा, अर्जुन एरिगेसी, निहाल सरीन जैसे खिलाड़ियों की प्रगति देखकर खुशी होती है। उनके बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है और वे उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उम्मीद है कि ये सितारे लगातार अच्छा प्रदर्शन करेंगे और कई अन्य लोगों को खेल से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगे।’’
प्रज्ञानानंदा की प्रगति को शानदार करार देते हुए ग्रैंडमास्टर सुंदराजन किदांबी ने कहा कि उनक प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि भारत में शतरंज कैसे तेजी से बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रज्ञानानंदा की प्रगति शानदार है। मैंने उसके बचपन के दिनों से ही उसे देखा है, कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मास्टर बनना और फिर शीर्ष तक जाना। वह विश्व जूनियर चैंपियनशिप जीतकर सबसे कम उम्र का ग्रैंडमास्टर भी बन सकता था लेकिन मामूली अंतर से चूक गया।’’
किदांबी ने कहा, ‘‘उन्होंने कार्लसन को ऑनलाइन ब्लिट्ज/रेपिड बाजी में हराया है जिससे सनसनी फैल गई थी और एक साल के भीतर उसने विश्व कप फाइनल में उनसे मुकाबला करने के लिए क्वालीफाई कर लिया। यह प्रगति आश्चर्यजनक है।’’
खिलाड़ी से कोच बने अंतरराष्ट्रीय मास्टर वी सरवनन ने कहा कि पिछले दो साल में प्रज्ञानानंदा ने शानदार प्रगति की है और साथ ही अर्जुन और गुकेश ने भी।
विश्व कप फाइनल के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘प्रज्ञानानंदा के लिए कार्लसन के खिलाफ मुकाबला बहुत मुश्किल होगा। मुझे लगता है कि कार्लसन का पलड़ा भारी है, वह प्रबल दावेदार हैं। हालांकि शतरंज में हमेशा एक मौका होता है कि प्रज्ञानानंदा जैसा विलक्षण खिलाड़ी पारंपरिक अनुमान को बदल दे (और जीत सकता है)।’’
भाषा सुधीर आनन्द
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