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Wednesday, 29 April, 2026
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देश के लिये गर्व का पल, राष्ट्रमंडल खेल 2030 की मेजबानी मिलने पर मांडविया

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नयी दिल्ली, 26 नवंबर (भाषा) अहमदाबाद को राष्ट्रमंडल खेल 2030 का मेजबान चुने जाने को देश के लिये गर्व का पल बताते हुए खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को कहा कि भारत 2047 तक खेलों में दुनिया के शीर्ष पांच देशों में अपना नाम दर्ज कराना चाहता है ।

ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेलों की आम सभा के दौरान अहमदाबाद को 2030 खेलों की मेजबानी के अधिकार औपचारिक रूप से प्रदान किए गए जिससे दो दशकों के बाद इस आयोजन के भारत में वापसी का रास्ता साफ हो गया। राष्ट्रमंडल खेलों के सौ साल भी इस अवसर पर पूरे होंगे जो पहली बार 1930 में कनाडा में आयोजित हुए थे ।

मांडविया ने मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम पर हरे पटाखों से आतिशबाजी और लेजर शो के बीच कहा ,‘‘ राष्ट्रमंडल खेलों के सौवे साल में इन खेलों का आयोजन भारत में होना हमारे लिये गौरव की बात है । राष्ट्रमंडल खेल परिषद के लिये ये खेल बहुत महत्वपूर्ण है और इनके भारत में आयोजन की मुझे खुशी भी है और गर्व भी ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ मोदी जी के नेतृत्व में देश बदल रहा है । पिछले एक दशक में खेलों में देश के अलग अलग 18 से अधिक शहरों में 22 से अधिक बड़े टूर्नामेंटों का आयोजन किया गया । कुछ दिन पहले ही मुक्केबाजी विश्व कप, पैरा एथलेटिक्स विश्व चैम्पियनशिप, हॉकी विश्व कप का आयोजन हुआ ।यह दर्शा रहा है कि यह देश बड़े टूर्नामेंटों के आयोजन के लिये तैयार है ।’’

उन्होंने यह भी कहा कि भारत को 2029 विश्व पुलिस खेलों की मेजबानी का अवसर मिलना भी गर्व की बात है ।

उन्होंने कहा ,‘‘ भारत 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी का इच्छुक है । हम पदक तालिका में भी लगातार आगे बढते जा रहे हैं । खेलों भारत नीति और खेल प्रशासन अधिनियम उसमें मजबूती प्रदान कर रहा है ।’’

मांडविया ने कहा कि सरकार का दीर्घकालिन लक्ष्य भारत को 2047 में आजादी के सौवें साल में खेलों में शीर्ष पांच देशों में लाना है ।

उन्होंने कहा ,‘‘ आने वाले दस साल के लिये हमने दीर्घकालिन नीति तैयार की है जिसके तहत काम चल रहा है । मुझे यकीन है कि भारत अगले दस साल में शीर्ष दस खेल देशों में स्थान हासिल करेगा और 2047 में जब देश आजादी का शताब्दी वर्ष मनायेगा ,तब हम दुनिया के शीर्ष पांच खेल देशों में होंगे ।’’

मांडविया ने कहा ,‘‘ ऐसे बड़े खेलों के आयोजन से देश के युवा खिलाड़ियों को मौका मिलता है । देश का खेलों में प्रदर्शन दिखता है । भारत की उभरती हुई खेल ताकत को हम 2030 में देख पायेंगे । ’’

पिछले महीने राष्ट्रमंडल खेलों के कार्यकारी बोर्ड द्वारा अहमदाबाद को प्रस्तावित मेजबान के रूप में अनुशंसित किए जाने के बाद 74 सदस्यों वाली आम सभा ने भारत की बोली पर अपनी मुहर लगा दी।

भाषा मोना आनन्द

मोना नमिता

नमिता

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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