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Monday, 30 March, 2026
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मीडिया ट्रायल से न्याय प्रदाय प्रणाली का मान-मर्दन हाता है: अदालत

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कोच्चि, 19 अप्रैल (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि मीडिया द्वारा ट्रायल करने से न केवल न्याय प्रदाय प्रणाली का मानमर्दन होता है बल्कि लोगों में संबंधित पक्षों के विरूद्ध पूर्वाग्रह पैदा होता है। इसी के साथ न्यायालय ने एक खबरिया चैनल को एक अभिनेत्री पर हमला मामले की रिपोर्टिंग में अभिनेता दिलीप के रिश्तेदार के संबंध में निचली अदालत के आदेश के सिवाय कुछ भी नहीं प्रसारित/प्रकाशित करने को कहा।

न्यायमूर्ति मोहम्मद नियास सी पी ने कहा कि अंतरिम आदेश आज से तीन सप्ताह के लिए प्रभाव में रहेगा। यह आदेश दिलीप के रिश्तेदार टी एन सूरज के आवेदन पर आया है। आवेदक ने आरोप लगाया है कि कुछ पुलिस अधिकारी जांच के दौरान कथित रूप से जुटायी गयी सामग्री, बंद कमरे की सुनवाई आदि कथित रूप से लीक कर रहे हैं जो मीडिया में झूठी एवं मनगढंत खबरों का आधार बन रहा है।

अदालत ने अपने अंतरिम आदेश में मामले में सूचनाएं लीक करने के आरोपी पुलिस अधिकारियों को उक्त आरोपों के संबंधी में हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया।

केरल पुलिस के प्रमुख को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि जांच से संबंधित कोई सूचना किसी भी जांच अधिकारी द्वारा लीक न हो।

भाषा राजकुमार वैभव

वैभव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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