नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में लखनऊ स्थित यूपी पुलिस फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर में क्वांटम कंप्यूटिंग पर एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई. संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने इसे तकनीक के नए युग की शुरुआत बताया. मुख्य अतिथि और नेशनल क्वांटम मिशन के चेयरमैन डॉ. अजय चौधरी ने कहा कि भारत के लिए स्वदेशी तकनीक पर नियंत्रण जरूरी है. उन्होंने एआई, ड्रोन और चिप्स आधारित भविष्य के युद्धों का जिक्र किया.
आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने बताया कि राज्य में क्वांटम और डीप टेक को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी कानपुर के साथ साझेदारी की गई है. नोएडा-एनसीआर में डीप टेक हब स्थापित होगा और स्टार्टअप्स को 30 से 40 करोड़ तक फंडिंग दी जाएगी.
विशेषज्ञों ने बैंकिंग, फार्मा और फॉरेंसिक में क्वांटम तकनीक के बढ़ते उपयोग पर प्रकाश डाला. कार्यशाला में साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण और क्वांटम सेफ्टी पर भी चर्चा हुई. विभिन्न संस्थानों के छात्रों और विशेषज्ञों ने कार्यक्रम में भाग लिया.