नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में असमय बारिश से प्रभावित गेहूं की फसल को देखते हुए सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है. रबी विपणन सत्र 2026-27 के लिए गेहूं की खरीद अब शिथिल मानकों के तहत की जाएगी. इसका उद्देश्य किसानों को नुकसान से बचाना और उन्हें कम दाम पर फसल बेचने से रोकना है.
सरकार के फैसले के अनुसार लस्टर लॉस यानी चमक में कमी की स्वीकार्य सीमा को बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया गया है. वहीं सिकुड़े और टूटे दानों की सीमा, जो पहले 6 प्रतिशत थी, उसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक कर दिया गया है. इससे बारिश से प्रभावित गेहूं भी खरीदा जा सकेगा.
शिथिल मानकों के तहत खरीदे गए गेहूं को सामान्य गेहूं से अलग रखा जाएगा और उसका अलग लेखा-जोखा होगा. इसका उपयोग केवल राज्य के भीतर ही किया जाएगा.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे गेहूं के भंडारण की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी. गुणवत्ता में गिरावट होने पर जवाबदेही भी तय होगी. इस फैसले से लाखों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है.