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Friday, 28 August, 2026
होमरिपोर्टसैनिक कल्याण में मॉडल बना उत्तराखंड, अग्निवीरों के लिए रोजगार सेल से बढ़ी सुविधाएं

सैनिक कल्याण में मॉडल बना उत्तराखंड, अग्निवीरों के लिए रोजगार सेल से बढ़ी सुविधाएं

शहीदों के परिवारों के लिए बढ़ी अनुग्रह राशि, सैन्य धाम का निर्माण पूरा, 28 आश्रितों को सरकारी नौकरी

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नई दिल्ली: उत्तराखंड सैनिक कल्याण के क्षेत्र में देश के दूसरे राज्यों के लिए मॉडल बनकर उभरा है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने सैनिकों, पूर्व सैनिकों, वीरांगनाओं, अग्निवीरों और शहीद परिवारों के लिए कई योजनाएं लागू की हैं.

उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने सेना में चार साल की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए अलग रोजगार सेल बनाने का फैसला किया है. यह सेल अग्निवीरों को रोजगार के अवसर तलाशने और सरकारी व निजी क्षेत्र में नौकरी पाने में मदद करेगा. सरकार पहले ही सरकारी सेवाओं में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का फैसला कर चुकी है.

शहीदों के सम्मान में उनके पैतृक गांवों में प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी. परमवीर चक्र विजेताओं के परिवारों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 1.5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये कर दी गई है. अन्य बलिदानियों के आश्रितों के लिए यह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है.

देहरादून में सैन्य धाम का निर्माण पूरा हो चुका है और जल्द इसका लोकार्पण किया जाएगा. यहां शहीद सैनिकों के घर-आंगन की मिट्टी और उनकी शौर्य गाथाएं प्रदर्शित की गई हैं.

धामी सरकार अब तक 28 शहीद परिवारों के पात्र आश्रितों को सरकारी नौकरी दे चुकी है. आवेदन की समय सीमा भी दो से बढ़ाकर पांच वर्ष की गई है. सेवारत और पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है.

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