नई दिल्ली: उत्तराखंड सरकार ने नेपाल में हाल में आई आपदा के बाद प्रदेश में आपदा प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया है. आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखंड आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है और संभावित जोखिमों को कम करने के लिए सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है.
मंत्री ने कहा कि नेपाल की घटना से सबक लेते हुए ग्लेशियर झीलों, नदियों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाई जा रही है. संवेदनशील ग्लेशियर झीलों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराया जाएगा और उनकी नियमित मॉनीटरिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
सरकार अत्याधुनिक अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित करने की दिशा में भी काम कर रही है. जरूरत वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त उपकरण और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि किसी भी संभावित खतरे की जानकारी समय रहते प्रशासन और आम लोगों तक पहुंचाई जा सके.
कौशिक ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है. उन्होंने कहा कि आपदा से पहले की तैयारी, समय पर चेतावनी और स्थानीय स्तर पर क्षमता बढ़ाने से संभावित जनहानि को कम किया जा सकता है.
मानसून को देखते हुए सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने तथा किसी भी आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. मंत्री ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया.